सफाई कर्मचारियों का बढ़ाया गया वेतन

रायपुर। राजधानी रायपुर के नए महापौर एजाज ढेबर मंगलवार को प्रेस क्लब में मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि रायपुर को स्वच्छता रैंकिंग में इंदौर के बराबर लाना है।

अवैध कॉलोनियों मिले तो कार्रवाई की जाएगी और हर 6 महीने में एमआईसी की बैठक की जाएगी, जो अच्छा काम नहीं करेगा उसे हटा दिया जाएगा। साथ ही सफाई कर्मचारियों को अब 6 की जगह 8 हजार रुपए वेतन मिलेगा।

महापौर ढेबर ने कहा कि आज महापौर के रूप में अपने ही वार्ड में मौजूद हूं। 14 एमआईसी का कल गठन कर दिया गया। हम लगातार जब भी स्वच्छता रैकिंग होती है रायपुर का नम्बर 100 के ऊपर ही आता है।

हमारी टीम ने ये ठान लिया है जब भी स्वच्छता रैंकिंग होगी हमारा शहर का नंबर पहले आएगा। सफाई के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जिसका कार्यालय महापौर आफिस के बाजू में होगा।

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शहर में जहाँ सफाई नहीं होगी उसे हम रोज एक घंटा सुनेंगे। जब तक इसमें जनता नहीं जुड़ेंगे तब तक स्वच्छता रैंकिंग जैसा है वैसा ही चलेगा। पहले भी काम बहुत अच्छा हुआ और भी कसावट की जरुरत है। रायपुर को इंदौर के बराबर लाने की कोशिश करेंगे।

कई जगह टैंकर के माध्यम से पानी आज भी जाता है। मार्च और अप्रैल में तीन पानी की टंकियों का काम जारी करने के लिए विचार करेंगे। सरोना, दलदल शिवनी और कचना का दौरा किया गया।

यदि कही भी अवैध कॉलोनियां दिखेंगी तो कार्रवाई की जाएगी। हर 6 महीने में एमआईसी की बैठक की जाएगी और जो अच्छा काम नहीं करेगा उसे हटा दिया जाएगा।

सफाई कर्मचारियों का वेतन कलेक्टर दर के अनुसार 10 हजार 300 मिलना चाहिए। पहले उन्हें 8 हजार रुपए दीया जाएगा। क्योंकि जितना पैसा उतना काम करने की सोचते है। 5 से 6 हजार रुपए मिलता था अब उन्हें 8 हजार दिया जाएगा, तो सफाई कर्मचारी काम अच्छे से करेंगे।

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