कोरोना: देश में 24 घंटे में 42766 नए केस, 1206 की मौत, छत्तीसगढ़ 391 नए पाजिटिव, 5 की मौत

टीआरपी डेस्क। भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की रफ्तार धीमी होने के बीच तीसरी लहर के आने की आशंका भी जताई जा रही है। देश के कुछ वैज्ञानिकों ने अक्टूबर-नवंबर के दौरान भारत में कोरोना की तीसरी लहर के चरम पर पहुंचने की संभावना जताई है।

देश में कोरोना के मामलों पर नजर रखने वाले एक सरकारी पैनल के वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर कोरोना से जुड़ी सावधानियां ना बरती गईं तो कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर-नवंबर के बीच अपने पीक यानी चरम पर पहुंच सकती है। हालांकि उन्होंने एक राहत भरी बात ये कही है कि इस दौरान दूसरी लहर में नए मामलों की तुलना में तीसरी लहर में नए मामले आधे रह सकते हैं।

कितने मामले आ सकते हैं ?

तीसरी लहर अक्टूबर और नवंबर के बीच अपने चरम पर पहुंच सकती है। इसमें 1,50,000 से 2,00,000 के बीच मामले बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तीसरी लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती होने के मामले कम हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने इस दौरान कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर इस दौरान कोई नया घातक कोरोना वैरिएंट सामने आता है तो तीसरी लहर तेजी से फैल सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना का नया वेरिएंट तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। संभवतः यही वजह है कि पोस्ट कोविड प्रभाव अलग-अलग तरीके से सामने आ रहे हैं।

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आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर का आकलन

आईआईटी कानपुर के प्रो मणींद्र अग्रवाल ने गणितीय माडल सूत्र से कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत का आंकलन किया है। उनके मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर में अक्टूबर के पहले सप्ताह से केस बढ़ने की आशंका है। उनके मुताबिक एक नवंबर से संक्रमण की रफ्तार काफी तेज हो सकती है जबकि 15 नवंबर तक संक्रमितों का ग्राफ नीचे आने लगेगा।

उनका दावा है कि तीसरी लहर दूसरी से ज्यादा खतरनाक नहीं होगी, लेकिन शारीरिक दूरी का पालन ना, मास्क न पहनना और वायरस का रूप बदलकर हमला करना घातक हो सकता है। उनके आकलन के मुताबिक नवंबर की शुरूआत में देश में रोजाना 1.80 लाख केस आएंगे। गौरतलब है कि प्रो. अग्रवाल ने पहली और दूसरी लहर का सटीक आकलन किया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।