रायपुर। बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड मामले  (Antangarh Tape Case) में आज कोर्ट में बहस हुई। आज भी मंतूराम पवार  (Manturam Pawar) और पुनीत गुप्ता के वकील हाईकोर्ट नहीं पहुंचे। आरोपी पक्ष के वकीलों ने कोर्ट से पुनः समय की मांग की है। कोर्ट ने आरोपी पक्ष को एक दिन का समय दिया है। जिसके बाद शनिवार तक का वक्त कोर्ट ने दिया है। वहीं अमित जोगी और अजीत जोगी की की ओर से कोर्ट में कोई भी वकील फिर उपस्थित नहीं हुए।

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अंतागढ़ टेप मामले में अभ्यर्थियों का वॉइस सैंपल (Voice Sample) लेने के लिए एसआईटी ने कोर्ट में याचिका लगाई है। इस याचिका पर आज सुनवाई होनी थी। इस सुनवाई के लिए एसआईटी के अधिकारी अपने वकीलों के साथ कोर्ट पहुंचे थे। इस पहले 28 अगस्त को मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लीना अग्रवाल की कोर्ट में होना था, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश में होने के कारण आज मामले में सुनवाई नहीं हो पायी थी। इससे पहले 26 अगस्त को भी इस मामले की सुनवाई टल गई थी।

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क्या है पूरा मामला

साल 2014 में अंतागढ़ (Antangarh) के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था। वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था। भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे। नाम वापसी के अंतिम दिन मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया। जिसके बाद भाजपा को एक तरह का वाकओवर मिल गया। बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल वायरल हुआ था। इस वॉइस कॉल में आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई। टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी।

वॉइस कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर एफआईआर दर्ज

अंतागढ़ टेपकांड मामले में किरणमई नायक (Kiranmai Nayak) की शिकायत पर पंडरी थाने में मंतूराम पवार, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी, डॉ. पुनीत गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। IPC 1860 की धारा 406, 420 171-ई, 171-एफ, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 9 और 13 के तहत भी मामला दर्ज है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।