रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भूपेश सरकार (CM Bhupesh Baghel) की ताजपोशी के कुछ महिनों के बाद ही प्रदेश में बेरोजगारी की दर में कमी आई है। यह हम नहीं बल्कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी (Center for Monitoring of Indian Economy) की रिपोर्ट कह रही है। रिपोर्ट की मानें तो भूपेश सरकार के 8 माह के कार्यकाल में ही बेरोजगारी स्तर और श्रम नियोजन के आकड़े काफी बेहतर हुए है। साथ ही प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं।

दरअसल सेंटर फॉर मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकॉनमी की रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी से अप्रैल 2019 के बीच छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में लेबर पार्टिसिपेशन रेट 42. 98 % रहा और बेरोजगारी की दर 5. 52 % रही। इसी दौरान स्नातक या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त लोगों में बेरोजगारी की दर 10.90% रही। 20 -24 आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी की दर 26.64% और 25-29 आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी की दर (Unemployment Rate) 9.23% रही।

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सितम्बर से दिसंबर 2018 के बीच छत्तीसगढ़ में लेबर पार्टिसिपेशन रेट 44.70 रहा और बेरोजगारी की दर 11.29% रही। इसी दौरान, स्नातक या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त लोगों में बेरोजगारी की दर 15.18% रही 20 -24 आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी की दर 35.95% और 25-29 आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी की दर 11.87% रही।

देश में एक ओर बेरोजगारी के प्रतिशत में बढ़त हुई है ऐसे में छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह एक अच्छी खबर है। विधानसभा चुनाव के पहले और चुनाव के बाद रोजगार की स्थिति काफी बेहतर हुई है। आप भी देखें यह आकड़ें…

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।