भोपाल/बेंगलुरु। बेंगलुरु के एक रिपोर्ट में रुके सिंधिया समर्थक विधायकों व मंत्रियों से मिलने गए मध्यप्रदेश के मंत्री जीतू पटवारी को गुरुवार को बेंगलुरु में हिरासत में लिया गया है।
इसी बीच कमलनाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया है। दो मंत्रियों को हिरासत में लिया गया। बीजेपी के दबाव में गिरफ्तारी की गई।

उधर, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के 24 घंटे बाद मध्य प्रदेश की सियासत में नया रुख आ गया है। फ्लोर टेस्ट को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। भाजपा की मांग है कि 16 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के पहले ही दिन फ्लोर टेस्ट हो। कांग्रेस का कहना है कि जब तक विधायकों के इस्तीफे पर फैसला नहीं हो जाता, फ्लोर टेस्ट संभव नहीं है।

स्पीकर एनपी प्रजापति ने इस्तीफा देने वाले 22 विधायकों को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने को कहा है। स्पीकर एनपी प्रजापति ने छह विधायकों को शुक्रवार, 7 विधायकों को शनिवार और बाकी बचे 9 विधायकों रविवार को उपस्थित होने को कहा है। स्पीकर ने कहा है कि हम फिजिकल वेरिफिकेशन करना चाहते हैं कि विधायकों ने स्वयं इस्तीफा दिया है न कि किसी के दबाव में आकर।

सरकार अल्पमत में, स्पीकर भाषण किसका पढ़ेंगे: भाजपा

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये कांग्रेस का अंदरूनी मामला है। हमारा कोई लेना-देना नहीं है। वास्तविकता यह है कि जो सरकार अल्पमत में है, वह कैसे राज्यपाल का अभिभाषण करा सकती है। भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में संवैधानिक संकट की स्थति पैदा हो गई है। राज्यपाल सदन में सरकार का अभिभाषण पढ़ते हैं। सरकार अल्पमत में है तो किसका भाषण पढ़ेंगे। राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष के पास 22 विधायकों के इस्तीफे पहुंच चुके हैं। हम राज्यपाल और अध्यक्ष से निवेदन करेंगे की पहले फ्लोर टेस्ट हो फिर राज्यपाल का अभिभाषण।

दिग्विजय ने कहा- विधायकों के इस्तीफे पर फैसला होने तक फ्लोर टेस्ट नहीं हो सकता

दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ सरकार ‘फ्लोर टेस्ट’ के लिए तैयार है, लेकिन जब तक विधायकों के इस्तीफों पर फैसला नहीं होगा, फ्लोर टेस्ट कैसे होगा। जब तक विधायक स्वयं अध्यक्ष के सामने उपस्थित नहीं होंगे, इस्तीफे पर निर्णय कैसे लिया जा सकता है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।