टीआरपी डेस्क। आपने दुकानों में रखें हुए लाफिंग बुद्धा को तो देखा ही होगा,लेकिन क्या

आप लाफिंग बुद्धा की हंसी के पीछे का छिपे राज को जानते हैं। कई घरों में आप ने इन्हें

टेबलों पर, घर की दीवारों पर या फिर पूजा स्थल पर मुस्कुराते हुए देखा होगा।

 

आपको बता दें कि इसी हंसी के पीछे का राज महात्मा बुद्ध के एक शिष्य होतेई हुआ

से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि जब होतेई को ज्ञान की प्राप्ति हुई तब वो जोर-जोर

से हंसने लगे। इसके बाद से उन्होंने अपने जीवन का एक मात्र उद्देश्य हंसने को बना

लिया। बताया जाता है कि वो जहां भी जाते वहां जाकर लोगों को अपना पेट दिखाते

और जोर-जोर से हंसने लगते। यही कारण था कि जापान और चीन में लोग

उन्हें हंसता हुआ बुद्धा बुलाने लगे, जिसको अंग्रेज में लाफिंग बुद्धा कहते हैं।

 

ऐसे हुआ देश-दुनिया में प्रचार

 

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होतेई के अनुयायियों ने भी उनके इस हंसने के संदेश का देश-दुनिया में प्रचार किया।

चीन में तो होतई यानी लाफिंग बुद्धा के अनुयायियों ने उनका इस कदर प्रचार किया

कि वहां के लोग उन्हें भगवान मानने लगे। वहां लोग इनकी मूर्ति को गुड लक के तौर

पर घरों में रखने लगे। हालांकि चीन में लाफिंग बुद्धा को पुताइ के नाम से जाना जाता है।

 

जैसे भारत में भगवान कुबेर को धन का देवता माना जाता है ठीक उसी तरह चीन में

लाफिंग बुद्धा को ही सब कुछ माना जाता है। अगर आप भी इसी तरह हंसते मुस्कराते

जिंदगी गुजार सकें तो ये लाफिंग बुद्धा सचमुच आपके लिए भगवान ही है।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।