नई दिल्ली। आतंकवादी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली दुनिया की सबसे बड़ी संस्था फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने शुक्रवार को पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखा। 27 पॉइंट एक्शन प्लान को लागू करने में नाकामयाब रही इमरान सरकार से एफएटीएफ ने आतंकवाद के खिलाफ और कदम उठाने को कहा है। घरेलू राजनीति में बुरी तरह घिर चुके नियाजी के लिए यह एक और बड़ा झटका है।

इमरान खान के लिए यह इसलिए भी बेहद निराश करने वाली खबर है क्योंकि उनकी सरकार ने एफएटीएफ की आंखों में धूल झोंकने के लिए कई हथकंडे अपनाए थे और ग्रे लिस्ट से बाहर होने के लिए लॉबिंग फर्म कैपिटल हिल की सेवा भी ली थी।

हालांकि, एफएटीएफ ने पाकिस्तान के स्टेटस को चेंज नहीं किया, क्योंकि आतंकवाद को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वाले मुल्क ने 27 एक्शन पॉइंट में से 6 पर काम नहीं किया।

आतंकियों को पनाह देने पर मिली जमकर फटकार

पाकिस्तान की ओर से पोषित आतंकवाद से सबसे अधिक पीड़ित रहे भारत ने शुक्रवार की बैठक से पहले टोन सेट कर दिया था और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से नामित आतंकवादियों जैसे जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर, लश्कर ए तैयबा ऑपरेशन कमांडर जकिउर रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम के लिए सुरक्षित पनाहगाह बने रहने को लेकर जमकर फटकार लगाई थी।

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भारत को मिली बड़ी कामयाबी

नई दिल्ली ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान की ओर से किए गए 3,800 सीजफायर उल्लंघन और ड्रोन्स के जरिए हथियार, मादक पदार्थ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार भेजने का भी जिक्र किया।

आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में नाकाम रहने की वजह से एफएटीएफ ने पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाला था। इसके बाद से पाकिस्तान इस सूची से बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा है लेकिन आतंकवाद के खिलाफ ईमानदारी से कदम नहीं उठा रहा है और हर बार उसने आंख में धूल झोंकने की ही कोशिश की।

पाकिस्तान का नाम ग्रे लिस्ट से बाहर निकालने में नाकाम रहे इमरान खान के लिए यह कूटनीतिक विफलता भी है क्योंकि उसे 12 देशों के समर्थन की जरूरत थी जो उसकी कहानी का समर्थन कर सकें कि पाकिस्तान आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की राह पर है और इसके लिए उसे उसकी सजा पर विराम लगा दिया जाए।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।