रमन सिंह

रायपुर/नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 47 सीटों के लिए 27 मार्च को वोटिंग होगी। मतदान के तीन दिन ही बाकी है लेकिन, इससे पहले असम में कांग्रेस के छत्तीसगढ़ माडल को लेकर राजनीति उफान पर आ गई है।

दरअसल कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का मुख्य पर्यवेक्षक बनाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी टीम के साथ महीनों पहले से असम में डेरा डाले हुए हैं। जहां चुनावी रैली में वे प्रदेश की कांग्रेस सरकार के छत्तीसगढ माडल की जानकारी देते हुए भाजपा की राज्य सरकारों व केंद्र पर लगातार हमला कर रहे हैं। कांग्रेस के आक्रमक प्रचार से भाजपा को असम विधानसभा चुनाव में पार्टी को सत्ता में वापसी नहीं कर पाने का डर सता रहा है।

यही वजह है कि भूपेश बघेल की आक्रमक शैली को काउंटर करने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को मैदान में उतारा है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को उम्मीद है कि डॉ रमन सिंह असम में हो रहे विधानसभा चुनाव की चुनावी रैली में कांग्रेस के छत्तीसगढ़ मॉडल को सवालों के घेरे में लेकर जनता को हकीकत से अवगत कराएंगे। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को उम्मीद है कि वे इसका चुनावी लाभ ले पाएंगे। इस बीच असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के छत्तीसगढ़ माडल बनाम भाजपा सरकार की योजनाओं को लेकर मचे घमासान की गूंज दिल्ली, असम से लेकर छत्तीसगढ़ में भी सुनाई पड़ने लगी है।

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छत्तीसगढ़ की जनता को ठगा अब असम की जनता को ठगने निकले हैं भूपेश, बताएंगे हकीकत: डॉ रमन सिंह

इधर असम रवाना होने से पहले पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश सरकार के छत्तीसगढ़ माडल पर जमकर निशाना साधते हुए कांग्रेस के संकल्प में किए चुनावी वादों पर सवाल उठाए। रमन ने क​हा कि वे असम में अपने चुनाव प्रचार के दौरान असम की जनता को कांग्रेस के छत्तीसगढ़ माडल की हकीकत से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने संकल्प पत्र में 36 वादे किए थे।

उन्होंने सीएम भूपेश बघेल पर सीधे हमला करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने ना तो किसानों को धान का बकाया बोनस दिए जाने का वादा पूरा किया और ना ही बेरोजगारों को भत्ता । रमन ने कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस के चुनावी वादों का पिटारा लेकर आती है, अब छत्तीसगढ़ की जनता को अपने ठगे जाने का अहसास हो चुका है, भूपेश यही खेल असम की जनता के साथ खेलकर उसे ठगने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि वे असम की जनता को भूपेश सरकार के छत्तीसगढ़ माडल की हकीकत से वाकिफ कराएंगे।

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने खोला मोर्चा,मरकाम बोले-छत्तीसगढ़ को बदनाम करने असम गए हैं रमन सिंह

इधर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है डॉ. रमन सिंह कहने को तो असम में भाजपा का प्रचार करने गए हैं, लेकिन सच यह है कि पार्टी ने उन पर लग रही धूल झाड़कर उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार करने के लिए भेजा है। वे झूठों का पुलिंदा लेकर इसकी नाकाम कोशिश कर रहे हैं और अपनी करतूतों पर जवाब नहीं दे रहे हैं।


मरकाम ने कहा है कि इससे अधिक दुर्भाग्य की बात नहीं हो सकती कि प्रदेश में किसानों से लेकर आदिवासियों तक हर किसी के हित में काम कर रही सरकार को बदनाम करने के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री असम में झूठ बोल रहे हैं, वे झूठ कह रहे हैं कि सरकारी बैंकों में किसानों का कृषि ऋण माफ़ नहीं हुआ। वे झूठ बोल रहे हैं कि ऋण माफ़ी में कोई सीमा तय की गई। वो झूठ बोल रहे हैं कि युवाओं को रोज़गार नहीं मिल रहा है।

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मरकाम ने कहा कि उनके अपने बेटे के नाम से विदेश में काला धन जमा है और उनके अपने घर के पते पर जमा है, इस पर रमन सिंह कभी कुछ नहीं कहते। रमन सिंह की पीड़ा समझ में आती है कि वे पंद्रह साल में जितनी पहचान नहीं बना पाए। उससे अधिक लोकप्रियता भूपेश बघेल ने ढाई साल में हासिल कर ली है। लेकिन, उन्हें समझ लेना चाहिए कि वे जो कुछ भी कहेंगे वे एक बुरी तरह हार चुके, हाशिए पर पड़े नेता का विलाप ही समझा जाएगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।