रायपुर। एकबार फिर स्वास्थ्य विभाग द्वारा PPE किट की आपूर्ति के लिए पुनः टेंडर बुलाए गए हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इससे पहले 11 अप्रैल को टेंडर बुलाए गए थे। मगर जो भी सैंपल मिले हैं वह टेक्निकली पास नहीं हो सके। बता दें कि CGMC की ओर से पहला और दूसरा टेंडर निरस्त करने के बाद तीसरा टेंडर बुलाया गया है।

मानकों में खरे नहीं उतरे पीपीई किट

अतः विभाग को PPE किट के लिए कुछ दिन का और इंतजार करना होगा। आपको बता दें कि इससे पहले ढाई लाख पीपीई किट, इतने ही एन-95 मास्क, 25 लाख ट्रिपल लेयर मास्क, एक लाख ग्लव्ज, दस हजार गॉगल्स खरीदने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसमें 38 कंपनियों ने भाग लिया था। मगर स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय किए गए मानकों में ये किट पास नहीं हो सके।

क्या है पीपीई किट

अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग तरह के पीपीई किट्स हो सकते हैं लेकिन आम तौर पर मास्क, ग्लोव्स, गाउन, एप्रन, फेस प्रोटेक्टर, फेस शील्ड, स्पेशल हेलमेट, रेस्पिरेटर्स, आई प्रोटेक्टर, गोगल्स, हेड कवर, शू कवर, रबर बूट्स इसमें गिने जा सकते हैं।

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पीपीई किट का उपयोग

कोरोना वायरस संक्रामक बीमारी है अतः कोरोना मरीजों के इलाज में लगे चिकित्सकों, नर्स, टेक्निशियन और मेडिकल स्टाफ को सिर से पांव तक संक्रमण से बचाने के लिए कई तरह के सामान पहनना जरूरी है। मगर पीपीई किट को पहनने से अधिक इसे उतारने में सावधानी बरतनी पड़ती है। दरअसल मरीजों के उपचार के दौरान किट के उपर वायरस चिपक जाते हैं। संक्रमण न फैले इसलिए डॉक्टर या स्टाफ इसे सावधानी से उतारते ही सैनेटाइज कर देते हैं। बाद में उसे दोहरे पॉलिथीन में रखकर जला दिया जाता है।

वर्जन

प्रदेश में पीपीई किट की आपूर्ति के लिए पुनः टेंडर लगा दिए गए हैं। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
भुवनेश यादव, एमडी, सीजीएमएससी 

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।