Comment On Smartness & Sneakiness In The House - महंत को बोलना पड़ा आप दोनों पूर्व CM के पुत्र…
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते दो सालों के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से बाजार ऋण, नाबार्ड की ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि, केन्द्र सरकार के माध्यम से जीएसटी ऋण और एशियन डेवलपमेंट/विश्व बैंक से कुल 36,170 करोड़ ऋण लिया है।

विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह जानकारी भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा द्वारा दिसंबर 2018 से जनवरी 2021 तक राज्य सरकार के कितना-कितना ऋण किस-किस एजेंसी से कब-कब लिए जाने के सवाल पर दी।

शिवरतन शर्मा ने इस पर कहा कि इस प्रश्नोतरी में नेता प्रतिपक्ष के सवाल के जवाब में सरकार ने कहा है कि 41 हज़ार 239 करोड़ का क़र्ज़ लिया गया? सरकार का सही जवाब कौन सा है? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सवालों को लेकर यदि कोई भ्रम है तो सदन की प्रश्न एवं संदर्भ समिति में जाए।

बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा राजस्व व्यय और पूँजीगत व्यय कितना किया गया? इस पर भूपेश बघेल ने अपने जवाब में कहा कि, यह बता पाना मुमकिन नहीं है। सरकार जरूरत के हिसाब से राशि खर्च करती है। शिवरतन शर्मा ने इस पर पूछा कि राज्य सरकार के कर्ज लेने की अधिकतम सीमा क्या है? भूपेश बघेल में कहा कि जीएसडीपी का 25 फ़ीसदी तक कर्ज लिया जा सकता है। राज्य सरकार ने अभी 20 फीसदी तक कर्ज लिया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।