आर्थर रोड जेल में बंद बिल्डर और फिल्म फाइनेंसर यूसुफ लकड़ावाला की मौत, कारण अज्ञात

टीआरपी डेस्क। जमीन हड़पने के मामले में आर्थर रोड जेल में बंद बिल्डर और फिल्म फाइनेंसर यूसुफ लकड़ावाला का निधन हो गया है। उनके पार्थिव शरीर को जेजे अस्पताल लाया गया है। एडीआर (एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट) दर्ज की गई है। मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

28 मई को लकड़ावाला को ईडी ने किया था गिरफ्तार

इससे पहले खंडाला में एक महंगी जमीन की खरीद के लिए कथित रूप से जाली कागजात बनाने से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 मई को लकड़ावाला को गिरफ्तार किया था। ईडी ने बताया था कि लकड़ावाला को धन शोधन कानून की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।

लकड़ावाला को हैदराबाद के नवाब रहे हिमायत नवाज जंग बहादुर की खंडाला स्थित जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया गया था। इसकी कीमत 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो लकड़ावाला ने इस जमीन को कब्जाने के एवज में सरकारी अधिकारियों, एस्टेट एजेंट्स और अन्य लोगों को 11.5 करोड़ रुपये की घूस भी दी थी। इससे जुड़े कुछ संदेहास्पद ट्रांजेक्शंस की ईडी जांच कर रही है।

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2019 में भी गिरफ्तारी हुई थी

इससे पहले मावल तालुका के तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार जितेंद्र बड़गुजर ने उस वक्त लकड़ावाला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद लकड़ावाला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। 12 अप्रैल 2019 को लकड़वाला को उस वक्त अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया था, जब वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।