CBSE 12th Board Exam 2021: 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने के खिलाफ SC में जनहित याचिका दायर...दिए गए यह तर्क
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टीआरपी डेस्क। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक जनहित याचिका दायर की गई है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में केरल के एक शिक्षक टोनी जोसेफ द्वारा याचिका दायर की गई है। आधिकारिक सूचना के अनुसार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित की जाने वाली कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द करने के विरुद्ध में यह जनहित याचिका दाखिल की गई है।

याचिकाकर्ता के अनुसार, कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा एक विद्यार्थी के जीवन का अभिन्न अंग होने के साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है। इसे रद्द करना छात्रों के लिए एक अनुचित निर्णय होगा।

परीक्षा रद्द करने के लिए दायर की गई थी याचिका 

बता दें, पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में वकील ममता शर्मा द्वारा एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में सीबीएसई और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) द्वारा आयोजित की जाने वाली कक्षा बारहवीं की परीक्षा को रद्द करने का अनुरोध किया गया था। याचिकाकर्ता के अनुसार बोर्ड को ऑब्जेक्टिव मेथाडोलॉजी के जरिए विद्यार्थियों का अंतिम परिणाम तैयार करना चाहिए।

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ममता शर्मा की दायर याचिका के खिलाफ नई याचिका दायर 

जोसेफ द्वारा मंगलवार को अधिवक्ता ममता शर्मा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के विरोध में नई याचिका दायर की गई है। जोसेफ का कहना है कि शिक्षाविदों और संस्थानों के प्रमुखों का एक बड़ा वर्ग परीक्षा आयोजित करने के पक्ष में है। शैक्षिक विशेषज्ञों ने कहा है कि परीक्षा रद्द नहीं की जानी चाहिए और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके आयोजित की जानी चाहिए। आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर परिणाम तैयार करना “अनुचित” होगा, क्योंकि 2021-22 शैक्षणिक वर्ष में, शायद ही किसी शिक्षक ने छात्रों को शारीरिक रूप से देखा हो।

हालांकि CBSC ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड द्वारा अभी तक कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जब ऐसा निर्णय लिया जाएगा तो विद्यार्थियों को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया जाएगा।

10वीं की परीक्षा रद्द करने पर बोर्ड्स से मांगा जवाब

गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोविड -19 महामारी के कारण 10वीं कक्षा की परीक्षा रद्द करने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर भी SSC, ICSE और CBSC बोर्डों से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति शाहरुख कथावाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने पुणे के एक सेवानिवृत्त शिक्षक धनंजय कुलकर्णी की एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।

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जिसमें कहा गया था कि परीक्षा रद्द करने से ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश में समस्या हो सकती है क्योंकि विभिन्न बोर्ड विभिन्न सूत्रों के आधार पर रिजल्ट घोषित करेंगे। उनके वकील उदय वरुंजीकर ने कहा कि “परीक्षा रद्द करने का निर्णय, देश में दो करोड़ छात्रों के लिए समस्या पैदा करने वाला है।” केंद्र को हस्तक्षेप करना होगा और एक समान नीति के साथ आना होगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।