खर्चीला है ब्लैक फंगस का इलाज : एक मरीज को 150 इंजेक्शनों की पड़ती है जरूरत, 25 दिन तक रोजाना लगाए जाते हैं छह इंजेक्शन 
खर्चीला है ब्लैक फंगस का इलाज : एक मरीज को 150 इंजेक्शनों की पड़ती है जरूरत, 25 दिन तक रोजाना लगाए जाते हैं छह इंजेक्शन 

रायपुर। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बाद अब ब्लैक फंगस या म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis or “black fungus) ने स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डाल दिया है। छत्तीसगढ़ में इसके चौकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। अब यहां 10 साल की एक बच्ची भी इसकी शिकार हो गई है। बता दें कि प्रदेश में इतनी कम उम्र की बच्ची का संक्रमित होना पहला मामला है।

डॉक्टरों का अनुमान है कि हाईडोज एंटी वायरल डोज का साइड इफेक्ट, या फिर शरीर में इंसुलिन नहीं बनने के कारण हो सकता है।

किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है

संक्रमण को लेकर एम्स डायरेक्टर डॉ नितिन एम नागलकर ने कहा कि Mucormycosis or black fungus का खतरा किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। 10 साल की बच्ची भी ब्लैक फंगस की शिकार हुई है। अभी वह हमारे वार्ड पर शिफ्ट हुई है। उसकी जांच की जा रही है कि उसे ब्लैक फंगस कैसे हुआ। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ में अब तक सामने आए करीब 50 मामले 

बता दें कि राज्य में अब तक ब्लैक फंगस के करीब 50 मामले सामने आए हैं। जिसका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं भिलाई में एक शख्स की फंगस की वजह से मौत हो गई।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।