छत्तीसगढ़ बचाओ दल
सच्चाई जानने निकले छत्तीसगढ़ बचाओ दल के नेताओं को बांगापाल थाने के नाके पर रोका

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के सिलगेर गोलीकांड मामले की वास्तविकता जानने निकले छत्तीसगढ़ बचाओ दल के नेताओ को सिलगेर पहुचने से पहले ही रोक लिया गया. बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ बचाओ दल के नेताओ को दंतेवाड़ा-बीजापुर की सरहद पर बांगापाल थाने के नाके पर रोका गया है।

दल में मानवाधिकार कार्यकर्ता एवम अधिवक्ता बेला भाटिया भी शामिल हैं। दल के सदस्यों को आगे नही बढ़ने दिए जाने से नाराज लोगों ने मौके पर ही जमकर नारेबाजी करना शुरू कर दिया है.

बता दें कि सिलगेर में सुरक्षा बल के कैंप के विरोध के दौरान हुई पत्थरबाजी और गोली कांड में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसे लेकर ग्रामीणों में काफी असंतोष एवं प्रदर्शन भी देखा गया था। यहां ग्रामीण सीआरपीएफ कैंप का विरोध दर्ज कराने के लिए पहुंचे थे।

वहीँ विरोध के दौरान सुरक्षाबलों की तरफ से फायरिंग हुई थी। इसमें तीन ग्रामीणों की मौत हो गई थी। पुलिस ने तीनों मृतकों की शिनाख्त नक्सली के रूप में की थी। इसे लेकर बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया था कि ग्रामीण तार की बैरकेडिंग को तोड़कर कैंप में घुसने का प्रयास कर रहे थे। ग्रामीणों की आड़ में नक्सली संगठन के लोगों ने पुलिस पर गोली चलाई थी। फायरिंग के दौरान तीन नक्सलियों की मौत हुई थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।