रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ सरकार प्रयासों के फलस्वरूप अधिशेष चावल से एथेनाॅल उत्पादन की दर 54 रुपए 87 पैसे प्रति लीटर निर्धारित करने के निर्णय के लिए धन्यवाद दिया है साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ के किसानों से खरीदे गए अधिशेष धान को सीधे एथेनाॅल संयत्रों को जैव ईधन उत्पादन की अनुमति प्रदान करने की मांग भी की है, जिससे राज्य में लगने वाले एथेनाॅल संयंत्रों को किसानों द्वारा सीधे धान का विक्रय किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है – छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राष्ट्रीय जैव नीति 2018 एवं उसके लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में जैव ईंधन के उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य में उत्पादित अतिरिक्त धान से बायो-एथेनाॅल उत्पादन की अनुमति के लिए विगत 18 माह से लगातार प्रयास किए गए।

राज्य शासन के इन प्रयासों के फलस्वरूप आपके द्वारा लिए गए निर्णय के लिए अनुसार तेल वितरण कंपनियों द्वारा अधिशेष चाॅवल (एफसीआई के गोदाम के माध्यम से प्राप्त) से एथेनाॅल उत्पादन की दर 54 रूपए 87 पैसे प्रति लीटर निर्धारित की गई है। इस निर्णय हेतु आपको कोटि-कोटि धन्यवाद।

मुख्यमंत्री ने लिखा है कि- राज्य शासन की मांग है कि राज्य के किसानो से खरीदे गए अतिशेष धान को सीधे एथेनाॅल संयत्रोें को जैव ईधन उत्पादन हेतु अनुमति प्रदान की जाए, इससे राज्य में लगने वाले एथेनाॅल संयत्रों को किसानों द्वारा सीधे धान का विक्रय किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि अतिशेष धान से सीधे एथेनाॅल उत्पादन की अनुमति राज्य के किसानो की आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।