टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को ’शहीद’ शिरोमणि गेंद सिंह के श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम बघेल ने शहीद गेंद सिंह को याद कर कहा- 1824 में अंग्रेजों के खिलाफ गेंद सिंह ने विद्रोह किया था। छत्तीसगढ़ के इस महान सपूत को 20 जनवरी सन् 1825 को परलकोट के महल के सामने फांसी दी गयी थी।

इसके बाद सीएम ने शहीद गेंद सिंह के बलिदान और आदिवासियों के लिए उनके द्वारा किये गए संघर्षों को याद किया। साथ ही उन्होंने राजनांदगांव जिले में शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने आगे कहा कि यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन परंपरा और संस्कृति को बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास है।

सीएम भूपेश बघेल ने शहीद गेंद सिंह के संघर्षों को याद करते हुए ट्वीट भी किया। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि शहीद गेंदसिंह ने अंग्रेजों के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई। साथ ही बस्तर के आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। बस्तर के अबूझमाड़ में क्रांति की मशाल जलाने वाले शहीद गेंद सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनका बलिदान युगों तक याद किया जाएगा।

See also  नक्सल पीड़ित परिवार का बड़ा सवाल: 'शहादत देने वालों को कब मिलेगा न्याय?', डॉ. रमन सिंह से लगाई गुहार

आपको बता दें, ठाकुर गेंद सिंह 20 जनवरी, 1825 को अंग्रेजों से लड़ाई के दौरान शहीद हुए थे। गेंद सिंह के नेतृत्व में सन 1824 में अंग्रेज़ो के खिलाफ परलकोट विद्रोह हुआ। ठाकुर गेंदसिंह आजादी की लड़ाई में हिस्सा लेने वाले छत्तीसगढ़ के पहले शहीद थे। परलकोट के जमींदार गेंदसिंह को शहीद शिरोमणि की उपाधि भी प्राप्त है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।