भाजपा प्रभारी के बयान पर सीएम बघेल का पलटवार कहा- ऐसा बयान छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़िया का अपमान, भाजपा का नेतृत्व किसानों को नफरत के लायक मानता हैं

रायपुर। बस्तर में भाजपाइयों ने चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था। वहां चिंता का विषय आदिवासियों के लिए या नक्सल समस्या के लिए नहीं था। उनके मुद्दे थे धर्मांतरण, छत्तीसगढ़ की सरकार, उनकी चिंता थी OBC वर्ग को साधना। उनके चिंतन में यहाँ के मंत्रिमंडल के लिए ही था। यह बातें छत्तीसगढ़ के कांग्रेस भवन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

बता दें कि पीसी में 7 मंत्री उपस्थित रहे। जिनमें कवासी लखमा, शिव डहरिया, रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर, उमेश पटेल, अमरजीत भगत, अनिला भेड़िया और मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम शामिल थे।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भाजपा के द्वारा आयोजित चिंतन शिविर में राष्ट्रीय नेतृत्व और पदाधिकारी शामिल हुए थे। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, अमर अग्रवाल को आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा प्रभारी ने एक बात कही थी ‘हमारी सबसे बड़ी चुनौती CM और मुख्यमंत्री का किसान होना है’ बताया था।

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मंत्रिमंडल और CM का किसान होना उनके लिये सबसे बड़ी चुनौती थी। भाजपा प्रभारी ने कहा-‘थूक देंगे तो सरकार बह जाएगी’। ये छत्तीसगढ़ की धरती माता कौशल्या, माता शबरी की है, मिनी माता की है। यहां नारियों की पूजा होती है। हमारे व्यवहार में लिगांनुपात महिलाओं का सबसे अच्छा है। यहां पर्दा प्रथा नहीं है। छत्तीसगढ़ में हमेशा नारियों का सम्मान रहा है। पुरंदेश्वरी के बारे में कुछ नहीं कहूंगा, वो भी सम्माननीय हैं।

इतनी ज्यादा नफरत मन में है भाजपा के। पहले मैं किसान हूँ, फिर बाद में मुख्यमंत्री हूँ। मतलब इन्होंने किसान पर थूकने की बात कही है। ये मंत्रिमंडल राज्य का प्रतिनिधित्व करती है। इसका मतलब प्रभारी के मन में घृणा है। नफरत है। ऐसा बयान छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़िया का अपमान है। इनकी सोच, इन्हें मुबारक। हमारे मन में नफरत, घृणा नहीं है। इस धरती में प्रेम बाँटा जाता है। ये लोग नफरत की फसल बो रहे हैं। इस बयान में भाजपा के तरफ से कोई माफीनामा नहीं आया। इसका मतलब ये है कि भाजपा का राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व किसान को नफरत के लायक मानते हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।