टीआरपी डेस्क। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम लिये बगैर फेसबुक वाल पर एक कहानी के जरिये तंज कसा है। उन्होंने लिखा कि किसी ने मुझे एक कहानी लिख कर भेजी – सोचा आप सब के साथ शेयर कर लूँ।

इस पोस्ट में लिखा कि -एक जहाज तूफान में फंसा हुआ था। कई लोग सबकी आंखों के सामने तूफान में डूब गए। कई लोगों के डूब जाने का खतरा था। जहाज में बैठे लोग, जहाज के छोटे-बड़े कर्मी सब जहाज को डूबने से बचाने में लगे थे। बहुत ही भयावह स्थिति थी फिर भी लोग साथ देकर एक दूसरे की हिम्मत बढ़ाते रहे। सबको ये भरोसा था कि जहाज का कैप्टन भी जहाज को बचाने का भरसक प्रयास कर रहा होगा। जब स्थिति ज्यादा बिगड़ने लगी तो लोगों ने जहाज के कैप्टन से अपील की। लेकिन लोग हतप्रभ रह गए जब उन्हें पता चला कि जहाज का कैप्टन तो गायब है।

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कहानी में आगे लिखा कि तमाम चीख-पुकारों, अपीलों को वो अनसुना करते हुए जिम्मेदारी की कुर्सी से उठकर कहीं चला गया था।” ‘‘ मगर लोग, छोटे-बड़े कर्मियों ने आशा नहीं छोड़ी। वे बचाव कार्य में लगे रहे। कई लोगों ने अपने साथी खो दिए, कई लोगों के सामने उनके अपने डूब गए। बहुत ही मार्मिक द्दश्य था। मालूम करने पर पता चला कि जहाज के कैप्टन को पहले से जानकारी थी कि मौसम विपरीत होगा, जहाज डूब भी सकता है। लेकिन जहाज के कैप्टन ने न तो लोगों को समय पर आगाह किया, न ही लोगों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम और न ही जहाज का सुरक्षा कवच बढ़ाया और तो और जहाज के कैप्टन ने लोगों की सुरक्षा से जुड़ी कई आवश्यक चीजें दूसरे जहाजों को दे दीं।

पोस्ट में आगे लिखा कि लंबे समय तक ये मार्मिक द्दश्य चलता रहा। लोगों एवं कर्मियों की मेहनत के बाद स्थिति कुछ नियंत्रण में आई। स्थिति नियंत्रण में आने के थोड़ी ही देर बाद अचानक कैप्टन की आवाज जहाज भर में गूंज उठी, एक के बाद एक लाऊडस्पीकर पर उसकी घोषणाएं आने लगीं, एक दिन तो उसकी आवाज़ अटकी और वह रोने भी लगा। जहाज पर फँसे हुए लोग अभी भी त्रस्त थे, कैप्टन की आवाज उन्हें सुनाई तो दे रही थी मगर कुछ दूर, कुछ अलग सी लगने लगी थी। एक दूसरे की मदद में सब व्यस्त थे, जाने अभी भी बचानी थीं। सबका ध्यान इन्हीं कार्यों में लगा हुआ था, किसी को पता तक नहीं लगा कि कैप्टन चुपचाप से बाहर आकर फिर से अपनी सीट पर बैठ गया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।