मुंबई/बेंगलुरु। देश में कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत हो चुकी है। देश भर में हेल्थवर्कर्स को सीरम इंस्टीट्यूट (SII) की कोविशील्ड (Covishield)और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin) वैक्सीन की डोज दी जा रही है। कोविशिल्ड को देने में महज चार मिनट का समय ही लग रहा है वहीं कोवैक्सीन को देने में लगभग दुगना समय लग रहा है।

कोवैक्सीन लगवाने के लिए भरना है कन्सेंट फॉर्म

कोवाक्सिन लगवाने से पहले ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) की मंजूरी के अनुसार एक सहमति फॉर्म (Consent Form) पर साइन करना होगा। इसके अलावा, वैक्सीन लेने वाले का ब्लड प्रेशर, टेंपरेचर और ऑक्सीजन सेचुरेशन की रीडिंग लेनी होती है। जेजे अस्पताल उन छह सेंटर्स में से एक हैं जहां वैक्सीन के रूप में कोवैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई गई है।

कोविशील्ड के लिए सिर्फ पहचान वेरिफाई करना है

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोविशिल्ड वैक्सीन के लिए मरीज़ से किसी भी तरह का कोई सवाल नहीं किया जा रहा है। उसे केवल अपनी पहचान वेरिफाई करनी है। वहीं, कोवैक्सीन लगवाने वालों से कई सवाल पूछे जा रहे हैं। एक डॉक्टर ने बताया कि वैक्सीन लगवाने वाले को तीन पन्नों का एक डॉक्यूमेंट दिया जाता है, जिसमें उन्हें अगले सात दिनों में कोई भी लक्षण होने पर विकल्प का चयन करना होता है। डॉक्यूमेंट को बाद में वैक्सीनेटर्स को सौंप दिया जाता है।

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एलर्जी को लेकर डॉक्टर के संपर्क में रहने की सलाह

कई डॉक्टर, हालांकि, लोगों को किसी भी संभावित एलर्जी रिएक्शन के गहन मूल्यांकन के लिए अपने फैमिली डॉक्टर से कंसल्ट करने की सलाह दे रहे हैं। सभी वैक्सीन लगवाने वालों को आधे घंटे तक ऑब्जर्वेशन रूम में रहना है।

कोवैक्सीन का फेज 3 का ट्रायल जारी

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का तीसरे फेज का ट्रायल जारी है। आईसीएमआर की बेंलगुरू ब्रांच नेशनल सेंटर फॉर डिसीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च को कोवैक्सिन के तीसरे फेज के क्लीनिकल टेस्ट की निगरानी के लिए नोडल सेंटर बनाया गया है। पिछले हफ्ते एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में, राज्य सरकारों को वैक्सीनेशन के दिन से सात दिनों के लिए सभी कोवैक्सिन लगवाने वालों को मॉनिटर करने का निर्देश दिया गया था। उनकी स्टेटस रिपोर्ट भी NCDIR को भेजी जानी चाहिए।

कोवैक्सीन के बाद बुखार और उल्टी हो सकती है

कर्नाटक के चामराजनगर, दावणगेरे, हासन, चिक्कमगलुरु, शिवमोग्गा और बल्लारी जिलों में एक-एक सेंटर बनाया गया है। कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने कहा है कि वैक्सीन के सामान्य साइड इफेक्ट्स के रूप में बुखार और पेट में दर्द, शरीर में दर्द, मतली और उल्टी शामिल हैं। कम सामान्य प्रतिकूल प्रभाव कंपकंपी, सर्दी, इंजेक्शन की जगह आसपास सूजन आना शामिल है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।