टीआरपी डेस्क। Corona Virus Caller Tune : कोरोना वायरस का खतरा फिलहाल देश-दुनिया से टला नहीं है। सरकार कोरोना वायरस से बचाव के तरीकों के बारे में लोगों को लगातार जागरूक कर रही है। मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह दी जा रही है।

देश में लॉकडाउन हुआ था, तब से हर फोन पर कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए कॉलर ट्यून ( Corona Virus Caller Tune ) सुनाई दे रही है। वर्तमान में बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज में सुनाई दे रही कोरोना कॉलर ट्यून को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।

कॉलर ट्यून में अमिताभ बच्चन बोलते हैं

नमस्कार, हमारा देश और पूरा विश्व आज कोविड-19 की चुनौती का सामना कर रहा है। कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम सतर्क रहें। इसलिए जब तक दवाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं। कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है, नियमित रूप हाथ धोना, मास्क पहनना और आपस में उचित दूरी बनाए रखना। याद रखिए दो गज दूरी, मास्क है जरूरी। खांसी बुखार या सांस लेने में कठिनाई होने पर हेल्पलाइन नंबर 1075 पर संपर्क करें।

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दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका

अब दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज़ में कोविड 19 जागरूकता वाली कॉलर ट्यून को हटाने की मांग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि अमिताभ बच्चन इस काम के लिए भारत सरकार से पैसे ले रहे हैं, जबकि देश में ऐसे बहुत सारे कोरोना वॉरियर मौजूद हैं, जिन्होंने कोरोना काल में आम लोगों की हर तरह से मदद की है। ऐसे में कोविड-19 जागरूकता कार्यक्रम के लिए मोबाइल पर कॉलर ट्यून अमिताभ बच्चन की जगह उन लोगों की लगाई जानी चाहिए जिन्होंने करोना काल में समाज के लिए सेवा की है।

इस काम के लिए ये कोरोना वॉरियर्स अमिताभ बच्चन की तरह केंद्र सरकार से कोई पैसा भी नहीं लेंगे। अपनी सेवाएं मुफ्त देंगे और समाज के लिए पहले ही कोरोना पीड़ितों की मदद करके एक मिसाल कायम कर चुके हैं।

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दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस याचिका को राकेश नाम के व्यक्ति के द्वारा लगाया गया है। हाईकोर्ट में ये याचिका एडवोकेट एके दुबे और पवन कुमार के माध्यम से दायर की गई है। 18 जनवरी को इस मामले में सुनवाई की जानी है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।