टीआरपी डेस्क। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जब से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हुई है। तभी से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यहां तक कि लोगों को 3-4 महीने बाद की तारीखें दी जा रही हैं।

ऐसा कोविड गाइडलाइंस के नियमों के चलते हो रहा है। लेकिन अब सरकार ने लंबे इंतजार से छुटकारा दिलाने के लिए एक बेहतर पहल की है। आने वाले समय में मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से ड्राइविंग की ट्रेनिंग लेने के बाद लाइसेंस बनवाने के लिए टेस्ट देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए बकायदा ड्राफ्ट जारी कर लोगों से सुझाव मांगे हैं।

देश के नागरिकों को अच्छी ड्राइविंग ट्रेनिंग देने के लिए मंत्रालय कुछ विस्तृत नियमों को लाने की कोशिश कर रहा है। ड्राइविंग सेंटरों को मान्यता प्राप्त करने के लिए इन नियमों का पालन करना होगा।

लगाने पड़ते हैं आरटीओ के चक्कर

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अभी तक लोगों को आरटीओ के चक्कर काटने पड़ते थे, बाद में सरकार ने ऑनलाइन अपाइंटमेंट लेकर ड्राइविंग टेस्ट देने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन जब महामारी शुरू हुई तो लॉकडाउन के चलते कामकाज ठप रहा और इंतजार लंबा होता चला गया। बाद में कोविड नियमों के चलते सीमित संख्या में लोगों को टेस्ट के लिए बुलाया जाने लगा, जिससे वेटिंग पीरियड बढ़ता जा रहा है।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ में ऑनलाइन टेस्ट और ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ता है। ये टेस्ट पास करने के बाद ही पहले लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस दिया जाता है। अगर इस टेस्ट में फेल हो जाते हैं उसे ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाता है। लर्निंग डीएल बनवाने के बाद छह महीने के अंदर परमानेंट डीएल बनवाना होता है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।