नई दिल्ली। पड़ोसी देश के नापाक हरकतों के कारण आतंकवाद की सबसे बड़ी समस्या के जूझ रहे भारत को आतंकवाद से निपटने के लिए रक्षा के क्षेत्र में आज बड़ी सफलता मिली है। भारत ने आज घातक मिसाइल डीआरडीओ का सफल परीक्षण किया है।

अत्याधुनिक मिसाइल होने के कारण डीआरडीओ के परिक्षण के बाद अब दुश्मन के विमान को बचने का मौका नहीं मिल पाएगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा सेना ने सतह से हवा में मार करने वाली क्विक रिएक्शन मिसाइल के शुक्रवार को छह परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए। ये परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज में किये गये। परीक्षण मिसाइल की आकलन प्रक्रिया के तहत किये गये हैं। परीक्षण के दौरान तेज गति से उडने वाले लक्ष्यों पर निशाना साधा गया। इसका उद्देश्य विभिन्न परिद्दश्यों में मिसाइल की मारक क्षमता का पता लगाना था।


ये परीक्षण दिन और रात के समय भी किये गये। सभी मिशनों के दौरान मिसाइल ने लक्ष्यों पर अचूक निशाना साधा और सभी मानकों को पूरा किया। परीक्षण के दौरान सभी स्वदेशी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डीआरडीओ के अध्यक्ष ने सफल परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों की टीम को बधाई दी। डीआरडीओ अध्यक्ष ने कहा कि यह मिसाइल अब सेना में शामिल करने के लिए तैयार है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।