रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस अफसर बाबूलाल अग्रवाल ( Former IAS officer of Chhattisgarh Babulal Agarwal ) को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। आपको बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कल शाम ही बाबूलाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था।

जानकारी के मुताबिक ईडी सूत्रों ने बताया कि बीएल अग्रवाल और उनके भाइयों की 36 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। पूर्व आईएएस अफसर बाबूलाल ( Former IAS officer of Chhattisgarh Babulal Agarwal ) और उनके सहयोगियों ने फर्जी कंपनियों के जरिये करोड़ों रुपये की हेराफेरी की थी।

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि ग्रामीणों के नाम पर आरोपियों ने 384 खाते खुलवाए गए थे। जिसके जरिए ही पैसों की हेराफेरी की गई। इसके लिए फर्जी कंपनियों का भी प्रयोग किया गया। ग्रामीणों द्वारा जमा की गई रकम बाद में प्राइम इस्पात नाम की एक कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई थी।

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ईडी के सूत्रों ने बताया कि जाँच एजेंसी द्वारा जब्त किये गए ढेरों दस्तावेजों के बारे में पूछताछ के लिए पिछले दो साल से पूर्व आईएएस अफसर बाबूलाल को तलब किया जा रहा था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।