टीआरपी डेस्क। साइबर फ्रॉड अगर 1 रुपए का भी है तब भी केस रजिस्टर करना चाहिए। ऐसा मेरा मानना है, मैंने जिले में टीम को भी बोला है कि साइबर वाले जो फ्रॉड को भी गंभीर अपराध के रूप में लें।

यह बातें एसएसपी अजय यादव ने पुलिस कर्मियों की साइबर क्राइम ट्रेंनिंग प्रोग्राम के दौरन कही। रायपुर के कालीबाड़ी स्थित यातायात थाने में पुलिस कर्मियों को हर तरह के साइबर क्राइम को गंभीर अपराध मानकर एफआईआर दर्ज करने की सीख दी गई।

समय के साथ साइबर ठगी के केस बढ़ते जा रहे हैं

एसएसपी अजय यादव ने कहा कि कई बार आप फ्राड लिखकर छोड़ देते है लेकिन वह किसी के मेहनत की कमाई होती है। कई बार लोगों के रिटायरमेंट के बाद पीएफ का पैसा मिलता है, वह लूट लिया जाता है, किसी ने शादी के लिए जमा कर रखा है वह पैसा लूट लिया जाता है।

समय के साथ साइबर ठगी के केस बढ़ते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। पहले आरोपी क्लियर होता था। आरोपी का नाम होता था, जानकारी होती थी। ऑनलाइन बिजनेस के बारे में भी हमे पता चल जाता है। यदि उस माध्यम से कोई ठगी होती है।

See also  छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक में 407 पदों पर होगी भर्ती

साइबर क्राइम करने वाले लोग बेहद होते हैं सतर्क

साइबर ठगी ऐसा विषय है, जिसमें व्यक्ति को पता नहीं चलता कि वो ठगा गया है। उसको यह भी नहीं पता होता कि किसने ठगी की। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कुछ पता ही नहीं होता कि किसने ठगा। आपको सामने वाले व्यक्ति का सिर्फ मोबाइल नम्बर पता होता है। साइबर क्राइम करने वाले लोग बहुत सतर्क होते हैं। 1950 में भी ये कांड होता था, 2021 में भी वहीं हो रहा, सायबर क्राइम की प्रवृत्ति सरल से कठिन की ओर जाने की है। साइबर क्राइम का मामला बहुत गंभीर है।

एसएसपी अजय यादव ने कहा कि साइबर सेल व जिले की क्राइम टीम के द्वारा मिलकर यह सेमिनार आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में हवलदार, एएसआई, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर सभी को साइबर रिलेटेड फ्रॉड के बारे में जानकारी दी जा रही है। साइबर क्राइम में किस तरह से डिटेल्स मिलते है, किस तरह से उस घटना का विश्लेषण किया जाए कैसे सॉल्व करें, इस पर विवेचना की जाएगी।

See also  रायपुर में दो फर्जी कंपनियों का पर्दाफाश, ₹102.4 करोड़ जब्त, विदेशों से जुड़े तार
Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।