नई दिल्ली/बर्लिन। 1949 से जर्मनी में हर साल लगने वाले विश्व प्रसिद्ध फ्रैंकफ़र्ट पुस्तक मेले का शांति-पुरस्कार भारत के अ​र्थशास्त्री अमर्त्य सेन को दिया गया है।


बता दें कि अर्थशास्त्र में उनके शोधपूर्ण कार्यों के लिए नोबेल पुरस्कार 1998 में पहले ही मिल चुका है। अमर्त्य सेन से पहले भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दर्शनशास्त्र की समृद्धि में उनके योगदान के लिए 1961 में फ्रैंकफ़र्ट पुस्तक मेले का शांति-पुरस्कार मिल चुका है। इस पुरस्कार को पाने वाले वे पहले भारतीय थे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।