GST

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने अक्टूबर 2020 से अब तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जीएसटी मुआवजे के रूप में एक लाख करोड़ रुपए जारी किए हैं।

मंत्रालय ने 23 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी) को 5,000 करोड़ रुपए की 17वीं साप्ताहिक किस्त जारी की, जिसके साथ पिछले साल अक्टूबर में स्थापित विशेष उधारी खिड़की के तहत अब तक जारी की गई कुल राशि एक लाख करोड़ रुपए हो गई है। 

पांच राज्यों के राजस्व में नहीं आया कोई अंतर 

शेष पांच राज्यों अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के कार्यान्वयन के कारण राजस्व में कोई अंतर नहीं आया है। केंद्र ने जीएसटी के कार्यान्वयन के कारण राजस्व में 1.10 लाख करोड़ रुपए की अनुमानित कमी को पूरा करने के लिए अक्तूबर 2020 में राज्यों के लिए कर्ज जुटाने की एक विशेष सुविधा शुरू करवायी है। केंद्र द्वारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से इस सुविधा के जरिए बाजार से उधार लिया जा रहा है। 

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औसतन 4.83 फीसदी ब्याज पर उधार ली राशि

मंत्रालय ने बताया कि, केंद्र सरकार द्वारा विशेष ऋण सुविधा के माध्यम से औसतन 4.83 फीसदी की ब्याज दर पर 1,00,000 करोड़ रुपए की राशि उधार ली गई है। इसमें से 91,460.34 करोड़ रुपए की राशि राज्यों को जारी की गई है और 8,539.66 करोड़ रुपए की राशि तीन केंद्र शासित राज्यों के लिए जारी की गई है।

अगस्त में राज्यों को दिए थे दो विकल्प

मंत्रालय ने कहा था कि वह हर सप्ताह राज्यों को 6,000 करोड़ रुपए जारी करेगा। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस व्यवस्था से केंद्र के राजकोषीय घाटे पर असर नहीं होगा और यह राज्य सरकारों की पूंजी प्राप्ति के रूप में प्रदर्शित होगा। केंद्र ने जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर अगस्त 2020 में राज्यों को दो विकल्प दिए थे।

पहला वह जीएसटी क्रियान्वयन के कारण राजस्व संग्रह में कमी को पूरा करने के लिए 97,000 करोड़ रुपये रिजर्व बैंक की विशेष खिड़की से ले या फिर कुल 2.35 लाख करोड़ रुपए (इसमें 1.38 लाख करोड़ रुपए कोविड संकट के कारण) बाजार से ऋण ले। इस राशि को संशोधित कर बाद में क्रमश: 1.10 लाख करोड़ रुपए और 1.8 लाख करोड़ रुपए किया गया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।