टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में 8 अक्टूबर को आयोजित पीएससी मेंस की परीक्षा पर रोक लगा दी गई है। आगामी 18 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि मामला अदालत में है इसलिए अगले आदेश तक रोक लगी रहेगी। 2020 के प्री में पूछे गए 8 प्रश्नों को लेकर 24 प्रतिभागियों ने याचिका लगाई है।

पीएससी ने मॉडल आंसर के उत्तरों को संशोधित मॉडल आंसर में गलत बताया

पीएससी ने मॉडल आंसर के उत्तरों को संशोधित मॉडल आंसर में गलत बताया था। परीक्षा को लेकर न्यायालय में दायर याचिकाओं की सुनवाई जारी रहने की वजह से याचिकाकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की एकल खंडपीठ ने मुख्य परीक्षा पर रोक लगाई है। फरवरी में राज्य लोक सेवा आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा ली थी, जिसके बाद जून महीने में परिणाम जारी किया गया था।

याचिकाकर्ताओं ने इसके बाद याचिका लगाई थी। मामले में याचिकाकर्ता उदयन दुबे, राकेश यादव, ज्योति सोनी और अमित सिंह ने अधिवक्ता पी आचार्य, रोहित शर्मा, अरिजीत तिवारी, थनेश तिवारी, टीके झा, सुशोभित मिश्रा, पीके तिवारी, कौशल यादव व अन्य अधिवक्ताओं के माध्यम से याचिका लगाई थी।

See also  Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में हाड़ कंपाने वाली ठंड, कई जिलों में शीतलहर की चेतावनी

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।