कोरोना वायरस

टीआरपी डेस्क। अगर आपको कोरोना वायरस इन्फेक्शन एक बार हो चुका है तो आपके शरीर में उसके खिलाफ इम्यूनिटी कब तक रहती है? डेनमार्क हेल्थ अथॉरिटी ने एक रिसर्च में पाया है कि जिन लोगों को एक बार इन्फेक्शन हो चुका हो, उन्हें 8 महीने तक इसका खतरा नहीं होता। अथॉरिटी की डेप्युटी डायरेक्टर हेलीन बिल्स्टेड ने बताया कि रिसर्च में इस पर बहुत बारीकी से देखा गया और पाया गया कि इम्यूनिटी आठ महीने से भी ज्यादा हो सकती है।

वैक्सीन के असर को लेकर कुछ पुख्ता निष्कर्ष नहीं निकला है लेकिन माना जा रहा है कि वैक्सीन से भी उतनी सुरक्षा मिलती है जितनी इन्फेक्शन के बाद। हेलीन का कहना है कि अभी यह देखना होगा कि क्या वैक्सीन दोबारा लगवाने की जरूरत होगी या नहीं। दरअसल, वैक्सीन 2020 के आखिर में लगनी शुरू हुई हैं। इसलिए इनके असर को अभी पूरी तरह से देखा जाना है। डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन ने कहा था कि वैक्सीन बार-बार लगवानी पड़ सकती हैं।

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वायरस से रिकवर होने के बाद इम्यून सिस्टम में उसकी एक मेमरी रह जाती है। इम्यून सेल और शरीर में घूमने वाले प्रोटीन दोबारा वायरस के आने पर उसे पहचानकर मार देते हैं। इससे बीमारी से रक्षा होती है और गंभीर बीमारी नहीं होती। कुछ रिसर्चर्स का मानना है कि यह कुछ महीने के लिए रह सकती है। कुछ लोगों में इम्यूनिटी 6 महीने के बाद खत्म हो जाती है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।