अच्छी खबर- कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत की कोवैक्सिन को जल्द मिल सकता है WHO से अप्रूवल

टीआरपी डेस्क। हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने अपनी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन के फेज-3 के क्लिनिकल ट्रायल का फाइनल डेटा जारी किया है। यह कोरोना वायरस के खिलाफ 77.8% असरदार साबित हुई है। डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कोवैक्सिन की इफिकेसी (असर) 65% बताया जा रहा है।

भारत बायोटेक के मुताबिक कोरोना के गंभीर लक्षणों वाले केस में वैक्सीन 93.4% असर करती है। इसके अलावा हल्के लक्षण के केस में कोवैक्सिन 63.6% असरदार है। इस समय दुनियाभर में चिंता का कारण बने हुए B.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट पर इसकी एफिकेसी (असर) 65% साबित हुई है।

25 अस्पतालों में 25 हजार से ज्यादा लोगों पर हुआ ट्रायल

आंकड़ों के मुताबिक ट्रायल 25 अस्पतालों में 25,800 लोगों पर किया गया था। इसमें ये देखा गया कि कोरोना के खिलाफ यह वैक्सीन कितना बचाव करती है। कोवैक्सिन को भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर डेवलप किया है। सूत्रों के मुताबिक, कोवैक्सिन को आज ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिल सकती है।

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SEC ने दी थी डेटा को मंजूरी

कंपनी ने कुछ दिनों पहले ही ट्रायल का डेटा ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को सौंपा था। इसके बाद सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) की अहम मीटिंग हुई थी और वैक्सीन के फेज 3 के ट्रायल के डेटा को मंजूरी दे दी गई थी।

WHO ने EOI मंजूर किया था

इससे पहले भारत बायोटेक के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) को WHO ने स्वीकार कर लिया था। कोवैक्सिन को अप्रूवल दिलाने के लिए कंपनी ने 19 अप्रैल को EOI सब्मिट किया था।

WHO के इमरजेंसी यूज अप्रूवल की क्या अहमियत है?

  • WHO की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग में महामारी जैसी पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी में हेल्थ प्रोडक्ट की सेफ्टी और इफेक्टिवनेस को जांचा जाता है। WHO ने फाइजर की वैक्सीन को 31 दिसंबर 2020 को, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को 15 फरवरी 2021 को और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को 12 मार्च को इमरजेंसी यूज अप्रूवल दिया था।
  • WHO के मुताबिक इमरजेंसी स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द दवा, वैक्सीन और डायग्नोस्टिक टूल्स विकसित करना और अप्रूव करना जरूरी है। वह भी सेफ्टी, एफिकेसी और क्वालिटी के मानकों पर खरा रहते हुए।
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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।