टीआरपी डेस्क। भारतीय रेलवे ने दक्षिण भारत के अनंतपुर और नई दिल्ली के बीच किसान रेल चलाई है। ये देश की दूसरी और दक्षिण भारत की पहली किसान रेल है। दक्षिण भारत-दिल्ली के बीच चलाई गई पहली किसान रेल का उद्घाटन आज यानी बुधवार (9 सितंबर) को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने हरी झंडी दिखा कर किया।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अनंतपुर से नई दिल्ली के बीच भारत की दूसरी और दक्षिण भारत की पहली किसान रेल चलाई गई। इससे किसानों को कई फायदे होंगे।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि किसान रेल के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और उपज का उचित मूल्य दिलाने को रेलवे प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों को हो रहे लाभ और अधिक मांग को देखते हुए रेलवे द्वारा किसान ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का फैसला किया गया। अब किसान अधिक मात्रा में उपज को ज्यादा मांग वाले क्षेत्रों में भेज सकेंगे।

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बता दें कि इससे पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि किसान रेल सेवा 350 टन माल की ढुलाई कर रही है, जो पिछले महीने इसके उद्घाटन के समय 94 टन की गई थी। पहली किसान रेल की शुरुआत पिछले महीने ही 7 अगस्त को महाराष्ट्र स्थित नासिक के देवलाली से बिहार के दानापुर के लिए की गई थी। वहीं, दूसरी किसान रेल का संचालन आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से दिल्ली के आदर्श नगर के लिए नौ सितंबर को किया गया. यह दक्षिण भारत में पहली किसान रेल सेवा है।

-सड़क परिवहन की तुलना में कम लागत लगेगी।
-छोटे किसानों को उपज की अच्छी कीमत प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
-परिवहन के दौरान कम नुकसान होगा।
-देशभर में फल और सब्जियों की आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।