टीआरपी डेस्क। शिक्षा एक मानवीय अधिकार है। एक सार्वजनिक अच्छाई और एक सार्वजनिक जिम्मेदारी है। जीवन में शिक्षा के महत्व को बताने के लिए प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को ‘अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

विश्वभर में इस साल तीसरा ‘अन्तराष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ मनाया जाएगा। इस बार 2021 का थीम ”Recover and Revitalize Education for the COVID-19 Generation” रहेगा।

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का इतिहास और उद्देश्य

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 03 दिसंबर, 2018 को प्रस्ताव पारित कर 24 जनवरी को ‘अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में घोषित करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य शान्ति व विकास में शिक्षा की भूमिका और उसके महत्व को समझना है। जिसके बाद 24 जनवरी 2019 को पहला ‘शिक्षा दिवस’ मनाया गया। फिर दूसरा ‘शिक्षा दिवस’ 24 जनवरी 2020 को मनाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन

‘अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन UNESCO New York Office, UNHQ , Global Partnership for Education और Center for Interdisciplinary Studies के साथ साझेदारी में किया जाएगा।

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साथ ही Global Education Coalition से भागीदारों को भागीदारी की सुविधा होगी। कार्यक्रम की योजना तीन मुख्य खंडों के साथ बनाई जाएगी। इस अवसर पर CRI और UNESCO ने हर विद्यार्थी की क्षमता को बाहर निकालने के लिए एक लर्निंग प्लैनेट फेस्टिवल की भी तैयारी की है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।