रांची। झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय हो गया है। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में झाविमो के प्रमुख बाबूलाल मरांडी भाजपा में शामिल हुए। अमित शाह ने बाबूलाल मरांडी को माला पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद व पार्टी के झारखंड के संगठन सहप्रभारी रामविचार नेताम भी मौजूद थे। मरांडी के साथ झाविमो के कई पदाधिकारी भी भाजपा में शामिल हुए।


माना जा रहा है कि भाजपा में झाविमो के विलय के बाद पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व बाबूलाल मरांडी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बना सकता है। बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद भाजपा में घर वापसी किया। 2006 में भाजपा से अलग होकर उन्होंने नई पार्टी बना ली थी। हालांकि उनकी पार्टी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और लगातार गिरता गया। 2009, 2014 और 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी को 11, आठ और तीन सीटों पर ही जीत मिली।

झारखंड के पहले मुख्यमंत्री थे बाबूलाल मरांडी

झारंखड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी थे। सोमवार लगभग 14 साल बाद बीजेपी में उनकी वापसी हो गई। बाबूलाल की घर वापसी के बाद झारखंड में बीजेपी की सियासत में आमूल-चूल बदलाव हो सकता है। राज्य में एक अदद आदिवासी चेहरे की तलाश कर रही बीजेपी को बाबूलाल मरांडी के रूप में पुन: ऐसा नेता मिल गया है, जिसकी जड़ें संघ से जुड़ी है। जो झारखंड की राजनीति का जाना-माना नाम है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।