टीआरपी डेस्क/न्यूयॉर्क। मैकडोनाल्ड कॉर्प ने अपने सीईओ स्टीव ईस्टरब्रुक को बर्खास्त कर दिया है। दरअसल वह एक कर्मचारी के साथ रिलेशनशिप में थे।

आपको बता दें कि यह कंपनी की पालिसी के खिलाफ था और इस वजह से उनपर यह कार्रवाई की गई।

52 साल के ईस्टरबुक 2015 से कंपनी के सीईओ थे।

बोर्ड ने कहा कि कर्मचारी के साथ रिलेशनशिप में होने की वजह से उन्होंने कुछ गलत फैसले लिए।

उन्होंने बोर्ड के सदस्य पद से भी इस्तीफा दे दिया है।

मैंने गलती की : ईस्टरबुक

ईस्टरबुक ने कहा, ‘मैंने गलती की।’ उन्होंने रविवार को कर्मचारियों को ई मेल भेजा कि उन्होंने कंपनी को हमेशा महत्व दिया लेकिन बोर्ड का फैसला सही है

अब उनके जाने का वक्त है। अमेरिका के कॉर्पेरेट जगत ऐसी कई घटनाएं सामने आईं जिनमें रिलेशनशिप की वजह से बड़े अधिकारी को इस्तीफा देना पड़ा।

#MeToo कैंपने के दौरान इन्हें भी छोड़ना पड़ा था पद

बता दें कि सोशल मीडिया पर चले #MeToo कैंपने के दौरान बड़ी कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों की स्क्रूटनी की गई।

जून 2018 में इंटेल कॉर्प के सीईओ ब्रायन को भी पद छोड़ना पड़ा था।

वह भी अपनी एक कर्मचारी के साथ रिलेशनशिप में थे।

ईस्टरब्रुक के बाद क्रिस केंपिजिंस्की को मैकडोनाल्ड यूएसए का सीईओ बनाया गया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।