नई दिल्ली। Lithium Ion Battery भारत में लिथियम आयन के अलावा भी सभी तरह के एडवांस केमिस्ट्री सेल के मैन्यूफेक्चरिंग के लिए गीगा फैक्टरीज को बनाने के लिए इंसेंटिव दिए जाएंगे। इसके लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों और एनर्जी स्टोरेज को बढ़ावा देने केंद्र सरकार राष्ट्रीय बैटरी पॉलिसी तैयार कर रही है। इस पॉलिसी को जल्द ही कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।

सरकार के इस फैसले का दक्षिण कोरिया की एलजी कैमिकल और जापान की पेनासॉनिक कॉर्प को फायदा तो होगा ही साथ ही भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनियों टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को भी लाभ मिलेगा।

71 हजार करोड़ खर्च करेगी सरकार

राष्ट्रीय बैटरी पॉलिसी के तहत 10 साल में 71,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 2030 तक 609 GW एनर्जी स्टोरेज की जरूरत का आकलन है। साल 2025 तक 50GW एनर्जी स्टोरेज क्षमता पैदा करने का लक्ष्य है।

सरकार का मानना है कि यदि इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है तो इससे 2030 तक ऑयल इंपोर्ट बिल में 40 बिलियन डॉलर करीब 2.94 लाख करोड़ रुपए की कमी आएगी।

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प्रदूषण में कमी लाने के लिए आई जा रही है नई पॉलिसी

लिथियम आयन सहित सभी एडवांस केमिकल केमिस्ट्री सेल बैटरी को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी आ रही है। पॉलिसी को लागू करने की जिम्मेदारी भारी उद्योग मंत्रालय की होगी। पिछले साल केवल 3400 इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री हुई है। जबकि इस अवधि में 17 लाख पारंपरिक यात्री कारों की बिक्री हुई है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।