रायपुर। नान घोटाला (NAN Scam) मामले में गृह विभाग द्वारा मुकेश गुप्ता (IPS Mukesh Gupta) व रजनेश सिंह (IPS Rajnesh Singh) की निलंबन अवधि बढ़ाए जाने के बाद EOW की टीम ने नागरिक आपूर्ति निगम (Civil supplies corporation) में दबिश दी है। मिली जानकारी के अनुसार टीम ने नवा रायपुर स्थित  नागरिक आपूर्ति निगम के दफ्तर में दस्तावेजों की जांच पड़ताल की है। EOW की टीम ने दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कुछ दस्तावेज जब्त भी किए हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। अचानक हुए इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी और कर्मचारी भी सकते में आ गए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार EOW की टीम वर्ष 2011 से 2014 के बीच हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही है। एसआईटी ने जनवरी में नागरिक आपूर्ति निगम के दफ्तर में छापे के दौरान जो दस्तावेज जब्त कि गए थे, उनमें कई जरूरी दस्तावेज रह गए थे, जिनकी जब्ती के लिए आज टीम यहां पहुंची है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस मामले में और अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं। साथ ही टीम को इस मामले की जांच में सहायता भी मिलेगी।

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आपको बता दें कि नान घोटाला (NAN Scam) मामले आरोप है कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सरकार की ओर से चावल मिलों से लाखों क्विंटल घटिया चावल खरीदे गए थे। इसके लिए नेताओं और अधिकारियों को करोड़ों रुपए की रिश्वत भी दी गई थी। राशन वितरण (Ration distribution) के ट्रांसपोर्टेशन में भी बड़ी रकम का घोटाला हुआ है।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।