रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित नान घोटाला (NAN SCAM) मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन दाखिल किया है। नान घोटाले (NAN SCAM) की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने पिछले दिनों रायपुर कोर्ट में आवेदन देकर सप्लीमेंट्री चालान के साथ-साथ छह पेन ड्राइव (pen drive) की मांग की थी, जिसे स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद एसआईटी (SIT) ने दोबारा आवेदन किया था, जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि एसआईटी (SIT) को इसका विधिक अधिकार नहीं है।

स्पेशल कोर्ट से आवेदन खारिज किए जाने के फैसले के विरूद्ध सरकार की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल हमीदा सिद्दीकी ने हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन दाखिल किया था, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान डिप्टी एजी ने कोर्ट में कहा कि नान घोटाले की जांच के लिए एसआईटी को पेन ड्राइव की जरूरत है।

पूर्व में जांच के दौरान पेन ड्राइव को बगैर ट्रांस स्क्रीप्ट किए कोर्ट में जमा कर दिया गया था। चूंकि अब एसआईटी (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रही है, लिहाजा पेन ड्राइव (pen drive) की जरूरत है। इस पेन ड्राइव को स्पेशल कोर्ट में विधिक व्यवस्था के तहत जमा नहीं किया गया है। जस्टिस रजनी दुबे ने इस मामले में सभी 16 अभियुक्तों को नोटिस जारी करते हुए स्पेशल कोर्ट की सुनवाई पर फिलहाल स्टे लगा दिया है।

See also  बॉलीवुड ऐक्ट्रेस Malvi Malhotra पर जानलेवा हमला, आरोपी ने 4 बार मारा चाकू

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें और Twitter पर Follow करें 
एक ही क्लिक में पढ़ें The Rural Press की सारी खबरें

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।