रायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने पंकज बेग की मौत मामले में डीजीपी (DGP) को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। पंकज बेग की मौत मामले में अम्बिकापुर के पार्षद आलोक दुबे ने आरोप लगाया गया है कि पंकज की मृत्यु ख़ुदकुशी नहीं बल्कि पुलिस प्रताड़ना से हुई है।

मामले में पार्षद आलोक दुबे (Alok Dubey) ने नेशनल कमिशन ऑफ शैड्यूल ट्राईब्स को अभ्यावेदन भेजा था,जिसमें आलोक दुबे ने लिखा था कि “थाने में पंकज बेग (उराँव ) को कथित रुप से मार पीट कर तथा उन्हे अमानवीय यातनाएँ देकर हत्या करने के संबंध में समुचित और निष्पक्ष जाँच कराई जाए व दोषी पुलिस अधिकारियों को अभियोजित किया जाए।

राअजआ ने पंकज बेग की मौत मामले में डीजीपी को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर मांगा जवाब
राअजआ ने पंकज बेग की मौत मामले में डीजीपी को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर मांगा जवाब

आलोक दुबे (Alok Dubey) के पत्र का हवाला देते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने डीजीपी को नोटिस जारी पंद्रह दिवस के भीतर प्रकरण के सभी तथ्य तथा आरोपी/ मामले पर की गई कार्यवाही से संबंधित सूचना प्रस्तुत करने को कहा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।