टीआरपी डेस्क। कांकेर के आमाबेड़ा में एक नक्सली का शव चीथड़ों में पेड़ पर लटका मिला। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश रची थी। मगर नक्सली खुद ही इसमें घायल हो गए।

बम लगाते वक्त ब्लास्ट हुआ और एक नक्सली की मौत हो गई, दो घायल हैं। इस घटना के बारे में नक्सलियों ने खुद जानकारी दी। उन्होंने पर्चे फेंके और पोस्टर लगाए। ये पर्चे उत्तर बस्तर डिवीजनल कमेटी के प्रवक्ता सुखदेव कावड़े ने जारी किए।

पर्चों के जरिए बताया गया कि 18 फरवरी को आमाबेड़ा के चुकपाल गांव में सुबह 6.15 बजे एक हादसा हुआ। फोर्स को उड़ाने के लिए बम लगाते वक्त विस्फोट हो गया। इसमें कांकेर के आलदंड, कंदाड़ी निवासी सोमजी उर्फ सहदेव वेड़दा की मौत हो गई। यह डीवीसी मेंबर था।

नक्सलियों के निशाने पर थी BSF

चुकपाल के इलाके में जहां विस्फोट हुआ वहां आसपास में कई प्रेशर बम लगाए गए थे। विस्फोट के बाद नक्सलियों ने ये बम वापस निकाल लिए। इससे छोटे-छोटे गड्ढे हो गए हैं। बता दें कि यहां से कुछ दूरी पर ही बोड़ागांव में बीएसएफ का कैंप भी है।

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गश्त पर निकलने वाले जवान वापसी में कैंप करीब आने पर कभी-कभी कहीं रुककर आराम करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए नक्सलियों ने प्रेशर बम लगाए थे। इतनी ज्यादा संख्या में प्रेशर बम प्लांट किए गए थे और नक्सलियों की तैयारी बड़े हमले की थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।