रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में मरीजों को चिकित्सीय परामर्श की सुविधा देने के लिए जल्द ही एक वेबसाइट शुरू की जाएगी। इस बेबसाइट में मरीजों को आॅनलाइन चिकित्सीय परामर्श निःशुल्क मिल सकेगा। इस व्यवस्था में गंभीर बीमारियों के मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के अलावा उन्हें अस्पताल लाने और ले जाने के लिए एम्बुलेंस तथा लेब आदि की सुविधा मिलेगी। इस प्रकार यह वेबसाइट एक वर्चुअल अस्पताल की तरह काम करेगी।

बता दें कि कोरोना लाॅकडाउन के कारण अनेक लोगों को चिकित्सा की सामान्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाई हो रही हैं, निकट भविष्य में परिस्थितियां सामान्य होने की संभावनाएं कम ही है। ऐसे मेें यह आॅनलाईन व्यवस्था मरीजों के लिए काफी कारगार साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मुख्य सचिव को मरीजों को आनलाइन चिकित्सीय परामर्श और अन्य सुविधाए उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे जल्द ही आनलाईन चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।

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सरकारी और निजी चिकित्सक देंगे निःशुल्क परामर्श

मुख्यमंत्री ने इस वेबसाइट से सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को जोड़ने को कहा है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीज आॅनलाइन चिकित्सीय परामर्श ले सकेंगे। परामर्श लेने के पहले मरीजों को मेडिकल हिस्ट्री जैसे सीटी स्केन, एक्स-रे रिपोर्ट, तथा पुराने उपचार के संबंध में मेडिकल पर्ची आदि अपलोड करनी होगी।

मरीजों को इस वेबसाइट से सरकारी और निजी चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श मिल सकेगा। प्रत्येक सरकारी अस्पतल के चिकित्सक आनलाइन परामर्श के लिए निर्धारित समय पर उपलब्ध रहेंगे। निजी चिकित्सक भी इस सेवा से निःशुल्क परामर्श देने की शर्त पर उपलब्ध रह सकते हैं। निजी चिकित्सक अस्पताल के अलावा अपने घरों से भी परामर्श दे सकते हैं।

मरीजों को सुझाई गई दवाएं भी घर तक पहुंचाकर दी जाएगी

इस वेबसाइट से सरकारी और निजी चिकित्सक मरीजों से बात कर उन्हें चिकित्सीय परामर्श देंगे। आवश्यकता होने पर मरीजों को अस्पताल आने की सलाह भी दे सकेंगे। आवश्यकता होने पर मरीज को एम्बुलेंस सुविधा भी वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएगी। इसके अलावा मरीजों को सुझायी गई दवाएं भी घर तक पहुंचाकर दी जाएगी।

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इस वेबसाइट के माध्यम से सरकारी और निजी लैब के द्वारा भी सेम्पल कलेक्शन की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इसके लिए इच्छुक निजी लैब का पंजीयन किया जाएगा। पंजीकृत लैब की रिपोर्ट आॅनलाइन उपलब्ध करायी जाएगी। गंभीर बीमारियों के लिए लगातार इलाज की आवश्यकता होती है, तथा कुछ बीमारियों के उपचार के लिए लम्बे समय तक रूकना संभव नहीं होता ।

लाॅकडाउन के समय इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों को चिकित्सीय सुविधाएं प्राप्त करने में आ रही दिक्कत को देखते हुए इस प्रकार की बीमारियों को सूचीबद्ध किया जाएगा जिनमें लगातार चिकित्सीय परामर्श और इलाज की जरूरत है। ऐसे अस्पतालों तथा इलाज की आवश्यकता वाले मरीजों का पंजीयन कर उन्हें आनलाइन बुकिंग की सुविधा दी जाएगी।

बुकिंग समय पर मरीजों के इलाज एवं चिकित्सीय परामर्श के अलावा उन्हें लाने ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा भी मिलेगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।