Sputnik V
image source : google

टीआरपी डेस्क। रूस में बनी ‘Sputnik V’ जल्‍द ही सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर उपलब्‍ध होगी। इस बीच कोविड-19 वर्किंग ग्रुप के चेयरपर्सन डॉ एनके अरोड़ा ने जानकारी दी कि देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन की तरह अब ‘Sputnik V’ का टीका भी मुफ्त लगाया जाएगा।

यह भी पढ़े: CoWin पर बुकिंग के लिए आई रूसी वैक्सीन Sputnik V, जानें कितनी है एक डोज की कीमत

उन्होंने कहा कि यह वैक्‍सीन मुफ्त उपलब्‍ध कराई जाएगी। फिलहाल ‘Sputnik V’ सिर्फ प्राइवेट सेक्‍टर में उपलब्‍ध है। उन्होंने कहा कि हम इस वैक्सीन को मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराना चाहते हैं। हालांकि यह पूरी तरह सप्लाई पर निर्भर करेगा।

सरकारी केंद्रों पर मुफ्त में वैक्सीन होगी उपलब्ध 

निजी अस्पतालों के बाद रूसी वैक्सीन ‘Sputnik V’ अब जल्द ही सरकारी केंद्रों पर भी लगाई जाएगी। यही नहीं यह  वैक्सीन भी मुफ्त में ही लगाई जाएगी। कोविड-19 के वर्किंग ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर एनके अरोरा ने बताया कि जल्द ही स्पूतनिक V सरकारी केंद्रों पर मुफ्त में उपलब्ध होगी।

See also  छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीन की बूंद-बूंद का हो रहा उपयोग... वेस्टेज डोज का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से बहुत कम

स्पूतनिक वी के सरकारी केंद्रों पर भी उपलब्ध होने के बाद माना जा रहा है कि देश के वैक्सीनेशन अभियान ओर गति मिलेगी। दरअसल भारत पहले ही दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन लगाने वाला देश बन चुका है। 35 करोड़ से ज्यादा खुराक देश में लगाई जा चुकी हैं।

यह भी पढ़े: Big Breaking :भारत को मिली कोरोना के खिलाफ रूसी वैक्सीन SPUTNIK V की मंजूरी

अरोड़ा के मुताबिक Sputnik V को -18 डिग्री सेल्सियस तापमान पर स्‍टोर करना होता है। ऐसे में देश में पोलियो वैक्‍सीन रखने में काम आने वाली कोल्‍ड चेन फैसिलिटीज का इस्तेमाल Sputnik-V स्‍टोर करने के लिए किया जाएगा।
अरोड़ा की मानें तो कोल्ड चेन फैसिलिटीज से एक और बड़ा फायदा होगा। इसकी मदद से Sputnik-V को ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

जुलाई के अंत तक 50 करोड़ डोज का लक्ष्य

अरोड़ा ने कहा कि, ‘कोविड वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम आने वाले हफ्ते में स्‍ट्रीमलाइन हो जाएगा।’ देश में अब तक 34 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं। जुलाई खत्म होने तक 12 से 16 करोड़ और डोज लगाई जाएंगी। यानी जुलाई अंत तक देश में 50 करोड़ डोज लगाए जाने का लक्ष्य है। बता दें, जनवरी में केंद्र ने कहा था कि जुलाई अंत तक करीब 50 करोड़ डोज लगा दी जाएंगी ताकि प्राथमिकता वाले समूहों को कवर किया जा सके।

See also  Covid-19: जेलों में भीड़ कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कैदियों को रिहा करने का दिया आदेश

यह भी पढ़े: भारत में इसी माह शुरू होगा COVID-19 वैक्सीन Sputnik V का Sputnik V Clinical Trial

अरोड़ा ने यह भी कहा कि ICMR के मुताबिक देश में तीसरी लहर फरवरी-मार्च 2022 तक आ सकती है। ऐसे में फिलहाल इस लहर से निपटने के लिए हमारे पास 8 महीने का वक्त है। उन्होंने यह भी कहा कि डेल्ट प्लस वेरिएंट को तीसरी लहर से जोड़ना जल्दबाजी होगा। फिलहाल देश में सिर्फ 52 मामले डेल्टा प्लस वेरिएंट के मिले हैं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।