टीआरपी डेस्क। त्योहारी मौसम में मिठाइयों ( Diwali Sweets ) में होने वाली मिलावट को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने अब सख्त फैसला लिया है। जिसके तहत दुकानदार को मिठाई की ट्रे पर मिठाई के नाम और दाम के साथ-साथ एक्सपायरी डेट (Expiry date) भी लिखनी होगी।

त्योहारी सीजन शुरू होने के ठीक पहले यह नया नियम ग्राहकों को राहत देने वाला है। हालांकि यह नियम केंद्र सरकार ने जारी किया है। छत्तीसगढ़ में राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा नियमों के अध्ययन के बाद इसे लागू कर दिया है। आपको बता दें कि हर साल विभाग के पास मिठाइयां खराब है, बासी है, बदबू आ रही है जैसे सैकड़ों शिकायतें खाद्य विभाग के पास पहुंचती है।

क्या है एफएसएसएआई

एफएसएसएआई ( FSSAI ), केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय अंतर्गत एक संस्था है जो देशभर में खाद्य पदार्थों की क्वालिटी, पैकिंग और मॉनिटरिंग करती है। इससे संबंधी दिशा-निर्देश जारी करती है। इसके बनाए नियमों को राज्य सरकार पालन करती हैं। मिठाइयों में एक्सपायरी डेट का निर्देश एफएसएसएआई ने सभी राज्य सरकार को भेजे हैं।

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दुकानदारों के तर्क भी सुन लें

इस नियम को लेकर दुकानदारों का तर्क है कि देश में मिठाइयों ( Diwali Sweets ) का 80 प्रतिशत काम असंगठित तरीके से होता है। एक्सपायरी डेट ( Expiry date ) का औचित्य नहीं। इससे मिठाइयों की खपत 10-15 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। इसे लेकर इनका विरोध प्रदर्शन मार्च से जारी है। जब इसका ड्राफ्ट तैयार हो रहा था। बता दें कि अकेले रायपुर में दिवाली सीजन में मिठाइयों का कारोबार 5-6 करोड़ रुपए का होता है। 1,500 रुपए किलो तक मिठाइयां बिकती हैं।

क्या होगा अब नियम

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली ( Food Safety and Standards Authority of India ) के निर्देशन व नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ के आदेशानुसार अब प्रत्येक मिठाई निर्माता, होटल संचालकों को प्रतिष्ठान में निर्माण की गई मिठाईयों की निर्माण तिथि व उपयोग हेेतु बेस्ट बिफोर दिनांक, मिठाइयों के बॉक्स ट्रे या कंटेनर पर प्रदर्शित करना जरूरी होगा।

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खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार सेल्फ लाईफ से संबंधित गाईडलाईन भी जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार कलाकंद, केवल एक दिन उपयोग योग्य, दूध से बनी मिठाईयां जैसे रबड़ी, रसमलाई आदि 02 दिन उपयोग योग्य, लड्डू खोया व बर्फी आदि 04 दिन उपयोग योग्य, ड्राई फ्रूट लड्डू, काजू कतली, घेवर 07 दिन उपयोग योग्य तथा आटा लड्डू, बेसन लड्डू, अंजीर बर्फी आदि लगभग 30 दिन उपयोग हेतु बताया गया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।