ओह तेरी! चूहों ने पी लिया 29 हजार लीटर 'शराब', जानें क्या है सच?
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टीआरपी डेस्क। शराब की तस्करी और चोरी को लेकर आपने कई अजीबोगरीब मामलों के बारे में सुना और पढ़ा होगा। हम सभी जानते हैं कि लोग इनका इस्तेमाल नशा करने के लिए करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि ये नशा केवल इंसानों को ही नहीं बल्कि चूहों को भी खूब भाता है! ये बात हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि हाल ही एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे।

मामला हरियाणा के फरीदाबाद शहर का है। जहां थाने के मालखानों से 29 हजार लीटर शराब की बोतलें और कंटेनर गायब मिले। ये खबर बाहर आते ही आग की तरह फैल गई। इस मामले पर पुलिस पर पुलिस का कहना है कि ये काम चूहों ने किया है। चूहों ने ना सिर्फ शराब बल्कि गांजा, अफीम जैसे मादक पदार्थों के डिब्बे और पोटली भी कुतर डाली।

अंग्रेजी से ज्यादा गायब हुई देसी शराब

इस बात की खबर तब लगी, जब शहर के सभी थानों में रखे अवैध शराब को नष्ट करने के लिए पुलिस कमिश्नर ऑफिस से आंकड़े जुटाने शुरू किए गए। इसी दौरान पता चला कि मालखानों में चूहों ने आतंक मचा रखा है। पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इन सभी थानों में करीब 53,473 लीटर देसी शराब, 29,995 लीटर अंग्रेजी शराब, 2804 कैन बियर और 805 लीटर कच्ची शराब जब्त की थी।

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इन शराबों को शहर के विभिन्न थानों में जब्त कर रखा गया था, जिन्हें चूहों ने गटक लिया। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, चूहों ने सबसे ज्यादा देसी शराब की बोतलों को काटा क्योंकि ये देसी शराब की बोतलें प्लास्टिक की होती हैं। चूहों ने देसी और कच्ची शराब मिलाकर करीब 20 हजार लीटर शराब डकार ली। इनमें से शराब की कई बोतलें ऐसी भी हैं, जो काटने की वजह से बह गईं। वहीं, अंग्रेजी शराब भी करीब 09 हजार लीटर गायब हो चुकी है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।