टीआरपी डेस्क। मुंगेली में फॉरेस्ट अफसर ब्लैकमेल कर सवा करोड़ रुपए वसूलने वाले एक युवक और युवती को मुंगेली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर वसूली की। इनका एक और साथी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से साढ़े सात लाख रूपए बरामद किए गए हैं।

डेढ़ साल से कर रहे थे ब्लैकमेल

जानकारी मिली है कि आरोपी परमवीर सिंह, वर्षा तिवारी और सरताज ईरानी मुंगेली में पदस्थ फॉरेस्ट रेंजर सीआर नेताम को पिछले डेढ़ साल से ब्लैकमेल कर रहे थे। आरोपियों ने रेंजर से सवा करोड़ ले भी लिए। परेशान रेंजर ने आखिरकार पुलिस की शरण ली।

सीबीआई जांच का भय दिखाकर वसूले लाखों

रेंजर सीआर नेताम पूर्व में कोरबा जिले में पदस्थ रहे हैं। यहां से इनका तबादला पहले रतनपुर और फिर मुंगेली हो गया। उन्होंने पुलिस को दिए तीन पन्ने के शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि परमवीर सिंह नामक युवक ने खुद को न्यूज़ 24 छत्तीसगढ़ का डायरेक्टर बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है, उन्होंने शासकीय राशि का गबन किया है। जांच का भय दिखाकर परमवीर ने उससे बड़ी रकम की वसूली की। इसके बाद एक लड़की का फोन आया जिसने खुद को मंत्रालय का स्टाफ बताया। उसने भी सी.आर. नेताम के खिलाफ जांच का हवाला दिया। नेताम का कहना है कि उसने भयवश किश्तों में इन सभी को पैसे दिए। पैसों के लेनदेन के दौरान सरताज खान उनके साथ रहता था।

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बेच दी अपनी पूरी संपत्ति

नेताम ने अपनी शिकायत में लिखा है कि उसने आरोपियों को रूपए देने के लिए अपनी चल अचल संपत्ति बेच डली, इसके बाद भी उससे रकम की मांग होती रही। परेशान होकर उसने पुलिस को यह पत्र लिखा।

फरार साथी की हो रही है तलाश

एसडीओपी मुंगेली टी आर पटेल ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि फॉरेस्ट रेंजर सीआर नेताम ने बीती शाम पुलिस में शिकायत की थी कि परमवीर, वर्षा तिवारी और सरताज ईरानी उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं। नेताम के मुताबिक बीते डेढ़ साल में उससे सवा करोड़ रूपए वसूल लिए गए हैं। शिकायत के तत्काल बाद पुलिस ने परमवीर सिंह और वर्षा तिवारी को अरेस्ट कर लिया, जबकि उनका एक अन्य साथी सरताज ईरानी पुलिस की पकड़ से बाहर है। तीनों आरोपी बिलासपुर के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास साढ़े सात लाख रूपए बरामद किये गये हैं। आरोपी महिला के बारे में बताया जाता है कि वह ऑर्केस्ट्रा में गाना गाया करती थी। वहीं परमवीर कोई पोर्टल न्यूज़ चलाकर खुद को पत्रकार बताता था।

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वजह का नहीं हो सका खुलासा

रेंजर सीआर नेताम पूर्व में कोरबा जिले में पदस्थ रहे हैं। यहां से इनका तबादला पहले रतनपुर और फिर मुंगेली हो गया। अपने कार्यकाल के दौरान नेताम विवादास्पद रहे हैं। शराब के नशे में मीडियाकर्मियों के समक्ष ही अपने अधिकारियों के बारे में कुछ भी कह देना और खुद को बस्तर का शेर बताना इनकी आदत में रहा है।

रेंजर सीआर नेताम

फिलहाल नेताम को किस वजह से ब्लैकमेल किया गया इसका खुलासा पुलिस भी नहीं कर रही है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि किसी वीडियो क्लिप के सहारे नेताम को ब्लैकमेल किया जा रहा था।

डीएफओ को नहीं है जानकारी

मुंगेली के डीएफओ आर एस दूबे ने टीआरपी न्यूज़ को बताया रेंजर को ब्लैकमेल किए जाने की जानकारी उन्हें आज ही मिली है, इससे पहले रेंजर ने उन्हें इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं दी है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।