मासूम
जानें कैसे एक माह की मासूम ने दी कोरोना को मात

टीआरपी डेस्क। कोरोना वायरस की दहशत के बीच महज एक माह की बच्ची ने सबका ढांढस बढ़ाने वाला कारनामा कर दिखाया। दरअसल हुआ यूँ कि कोरोना के प्रकोप के चलते चारों तरफ मची हाहाकार के बीच एक माह की बच्ची ने दुनिया को हिम्मत दे दी है।

इस गुड़िया को देख कोरोना से जंग लड़ रहे लोगों में एक उम्मीद की किरण जाग गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस एक माह की बच्ची ने 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहकर भी कारोनो काे हरा दिया है। अब वह दुनिया की सबसे छोटी कोरोना वॉरियर बन गई है।

हर किसी को हिम्मत देने वाली यह घटना है ओडिशा के भुवनेश्वर की। यहां एक बच्ची को पैदा होने के दो हफ्ते बाद ही कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद बच्ची को कालाहांडी से भुवनेश्वर के अस्पताल में लाया गया। यहां उसे आईसीयू वेंटीलेटर पर रखा गया। 10 दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद मासूम कोरोना से ठीक हो गई और वह पूरी तरह से स्वस्थ है।

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अस्पताल के डॉक्टर मोहापात्रा इस घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं मानते। उन्होंने बताया कि बच्ची का रेमडेसिविर, स्टेरॉयड और अलग-अलग प्रकार के एंटीबायोटिक देकर इलाज किया गया। करीब तीन सप्ताह तक बच्ची का इलाज किया गया और अब वह पूरी तरह से ठीक हो गई है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।