नदी
दर्दनाक: नदी में नहाने गए 3 बच्चों की डूबने से मौत

बलरामपुर। बलरामपुर में एक दर्दनाक घटना ने सबका दिल दहला कर रख दिया है। दरअसल, यहाँ बुधवार को नदी में डूबने से दो सगे भाइयों सहित 3 बच्चों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे एक साथ चनान नदी में नहाने के लिए गए थे।

सूचना मिलने पर आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई है। पहले दोनों सगे भाइयों के शव बरामद हुए। इसके तीन घंटे बाद तीसरे बच्चे का भी शव बरामद हो गया है। वहीँ हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है.

यह भी पढ़ें: कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को भी बेअसर कर सकती है यह वैक्सीन, स्टडी में खुलासा

नदी में गए थे नहाने, तभी हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहर से करीब 10 किमी दूर नवडीह गांव निवासी सगे भाई दिनेश (10) व प्रियांशु (7) वहीं पास में रहने वाले अपने एक दोस्त रंजीत (7) के साथ बुधवार सुबह करीब 11 बजे परिजनों को बिना बताए घर से कुछ दूर बह रही चनान नदी में नहाने के लिए गए थे। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे दौड़ते हुए गए और नदी में कूद पड़े। इसके बाद वे गहरे पानी में फंस गए थे। जानकारी पर परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

यह भी पढ़ें: ब्रेकिंग: गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू पहुंचे महासमुंद, कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इस तरह किया स्वागत

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों को भी बुला लिया गया। इसके बाद बच्चों की तलाश शुरू हुई। करीब एक घंटे बाद दोनों भाइयों दिनेश और प्रियांशु के शव मिल गए, लेकिन तीसरे बच्चे रंजीत का पता नहीं चल रहा था। काफी कोशिशों के बाद गोताखोर दोपहर करीब 2 बजे घटना स्थल से दूर उसका शव बरामद कर सके।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटर, टेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

 

 

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।