टीआरपी डेस्क। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संसद द्वारा पारित कृषि विधेयकों को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही अब ये विधेयक कानून बन गए हैं। इन विधेयकों में कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) और किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा विधेयक शामिल हैं।

कृषि विधेयकों को लेकर मचा हुआ है हंगामा

बता दें कि देश के कई हिस्‍सों में कृषि विधेयकों को लेकर हंगामा मचा है। किसानों के साथ साथ तमाम विपक्षी दलों के नेता इन विधेयकों के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं। लेकिन इस बीच राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संसद द्वारा पारित कृषि विधेयकों को मंजूरी दे दी है।

एक देश, एक बाजार की अवधारणा लागू

कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक किसानों को उनकी उपज देश में कहीं भी, किसी भी व्यक्ति या संस्था को बेचने की इजाजत देता है। इसके जरिये एक देश, एक बाजार की अवधारणा लागू की जाएगी। किसान अपना उत्पाद खेत में या व्यापारिक प्लेटफॉर्म पर देश में कहीं भी बेच सकेंगे। वहीं किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा विधेयक बोआई से पहले किसान को अपनी फसल को तय मानकों और तय कीमत के अनुसार बेचने का अनुबंध करने की सुविधा प्रदान करता है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।