रायपुर। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पूर्व विधायक मंतूराम पवार (Manturam Pawar) ने अदालत में धारा-164 के तहत बयान दिया है। इससे वर्ष 2014 में अंतागढ़ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के खरीद-फरोख्त की पूरी कहानी साफ हो गई है। भाजपा नेता मंतूराम पवार के बयान से स्पष्ट है कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह (Dr. Raman Singh), पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi), पूर्व मंत्री राजेश मूणत (Rajesh Munat) और पूर्व विधायक अमित जोगी (Amit Jogi) ने मिलकर एक व्यापक षडयंत्र रचा था।

प्रदेश कांग्रेस (Congress) ने पत्रकारवार्ता करते हुए कहा कि इन चार राजनेताओं ने मिलकर लोकतंत्र को न केवल शर्मसार किया, बल्कि लोकतंत्र की हत्या की। सात करोड़ रुपए में कांग्रेस के प्रत्याशी को मैदान से हटाने के लिए रमन सिंह ने अपने साथी अजीत जोगी के साथ मिलकर सारे हथकंडे अपनाए। इसमें सत्ता का दुरूपयोग भी शामिल है क्योंकि मंतूराम पवार ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें एसपी ने धमकाया था कि उनका भी हश्र झीरम की तरह कर दिया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि इस बयान से यह भी स्पष्ट हुआ है कि न केवल अंतागढ़ बल्कि झीरम में भी रमन सरकार की भूमिका थी, तभी तो वे झीरम जैसा कांड करने की धमकी दे रहे थे। दिसंबर, 2015 में अंतागढ़ ऑडियो टेप आने के बाद से मंतूराम पवार के बयान तक जो कुछ भी उजागर हुआ है वह लोकतंत्र के लिए घातक है। अभी रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की भूमिका का विवरण आना शेष है क्योंकि ऑडियो टेप में हम सबने उनकी आवाज भी सुनी थी।

अंतागढ़ चुनावी धांधली पर छोड़े राजनीति- कांग्रेस

कांग्रेस ने अंतागढ़ उपचुनाव के समय से ही चुनाव आयोग से लेकर पुलिस तक सबसे शिकायत की थी और इस धांधली की जांच की मांग की थी। मगर रमन सिंह सरकार की पुलिस ने कोई जांच नहीं की और जब कांग्रेस की सरकार ने अंतागढ़ की जांच शुरू की तो इसका विरोध शुरू कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व विधायक अमित जोगी चारों से नैतिकता की कोई उम्मीद तो नहीं है, लेकिन फिर भी हम मांग करते हैं कि चारों को अंतागढ़ चुनावी धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल राजनीति छोड़ देनी चाहिए।

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चारों राजनेताओं अगर अपने दावों के अनुसार बेकसूर हैं तो चारों को अंतागढ़ मामले की जांच में सहयोग करना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह (Raman Singh) को अपने दामाद पुनीत गुता को वॉइस सेंपल देने के लिए कहना चाहिए। वाइस सेम्पल देने में चल रहा हीला हवाला अब बंद होना चाहिए।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।