टीआरपी न्यूज/रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के अब तक 31 मामले सामने आ चुके हैं जिसमें से 10 मरीजों को रायपुर एम्स में उपचार के बाद डिचार्ज किया जा चुका है। कोरोना पॉजिटिव 21 मरीजों को अब भी एम्स में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।

इस बीच कोरोना संक्रमण की जांच के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 75 हजार रैपिड किट की खरीदी के लिए जारी की ​गई निविदा को तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया है। निविदा निरस्त करने के पीछे ​निविदाकार द्वारा 75 हजार रैपिड किट सप्लाई करने से मना करने को बताया जा रहा है।

75 हजार रैपिड किट खरीदी करने जारी की गई थी निविदा

बता दें कि इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट को स्वीकृति मिलते ही सरकार ने 75,000 रैपिड किट की खरीदी को मंजूरी निविदा जारी की थी, टेंडर की तमाम कागजी प्रक्रिया दो दिनों में पूरी करते हुए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) ने शार्ट टर्म निविदा जारी भी कर दी। महज कुछ ही दिनों में इस किट की सप्लाई भी होनी थी। मगर निविदाकार द्वारा सप्लाई पूरी करने में हाथ खड़े कर देने से पूरा मामला लटक गया है।

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दोबारा प्रक्रिया पूरी करने में लगेंगे 10 दिन

बता दें कि कोरोना संक्रमण की जांच के लिए रैपिड किट की खरीदी के लिए दोबारा टेंडर की तमाम कागजी प्रक्रिया में 10 दिन का वक्त लग सकता है। इसके लिए 10 लोगों की कमेटी बनाई गई है। फिलहाल आगामी 10 दिनों तक छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रैपिड जांच के लिए यहां के लोगों को इंतजार करना पड़ेगा।

Corona

 

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।