टीआरपी न्यूज़। अंबानी ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने टेक और रीटेल बिजनस के लिए 6.5 अरब डॉलर जुटाए। अंबानी तेल कारोबार पर निर्भरता कम करना चाहते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार फैलाना चाहते हैं। इसके साथ ही वह अपने बच्चों आकाश, ईशा और अनंत के बीच बिजनस को बांटना चाहते हैं। अंबानी ने अपनी उत्तराधिकार योजना के बारे में कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है लेकिन जानकारों का कहना है कि अंबानी ने जिस तरह रीटेल और डिजिटल में कारोबार बढ़ाया है, उससे साफ है कि वह बिजनस की कमान अगली पीढ़ी के हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।

तो रीटेल में रिलायंस का दबदबा कायम हो जाएगा

रिलायंस का कारोबार अब भी काफी हद कर क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स पर निर्भर है। लेकिन इसकी रीटेल कंपनी रिलायंस रीटेल रेवेन्यू के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी है। अगर फ्यूचर ग्रुप के साथ इसका सौदा पूरा होता है तो फिर रीटेल में रिलायंस का दबदबा कायम हो जाएगा। रिलायंस की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक और गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने निवेश किया है। अंबानी के बच्चे अपनी पसंद के हिसाब से पहले ही रिलायंस के कारोबार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अंबानी के जुड़वा बच्चों ईशा और आकाश ने कंपनी के डिजिटल कारोबार में उतरने पर जोर दिया था।

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मुकेश अंबानी एक ‘फैमिली कौंसिल’ बनाने जा रहे

इससे पहले खबर आई थी कि मुकेश अंबानी एक ‘फैमिली कौंसिल’ यानी पारिवारिक परिषद बनाने जा रहे हैं ताकि उनके कारोबार को अगली पीढ़ी तक आसानी से ट्रांसफर किया जा सके। इस फैमिली कौंसिल में अंबानी के तीनों बच्चे आकाश, ईशा और अनंत के साथ ही परिवार का एक वयस्क सदस्य होगा। हालांकि इस पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था।

हिस्सेदारी को लेकर विवाद भी हो सकता है

गौरतलब है कि मुकेश अंबानी और उनके भाई अनिल अंबानी के बीच रिलायंस की विरासत को लेकर काफी लंबे समय तक विवाद चला था। शायद इसी को देखते हुए मुकेश अंबानी ने यह कौंसिल बनाने का निर्णय लिया हो। आने वाले समय में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान मुकेश अंबानी के बच्चों के हाथ में होगी। जाहिर है इतनी बड़ी संपदा की बाद में हिस्सेदारी को लेकर विवाद भी हो सकता है।

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मां कोकिला की दखल के बाद कंपनी को दो हिस्सों में बंटी

उल्लेखनीय है कि साल 2002 में धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद रिलायंस की विरासत को लेकर मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी में कई साल तक विवाद चला था। कई साल की मशक्कत और मां कोकिला बेन की दखल के बाद कंपनी को दो हिस्सों में बांटा गया। मुकेश अंबानी को रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस मिला, जबकि अनिल अंबानी के हिस्से में कम्युनिकेशन, पावर, फाइनेंशियल बिजनेस आया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।