नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल ने लोकसभा में कृसान बिल का विरोध किया है।​​​ दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल (Harsimrat Kaur Badal) ने किसान बिल ( Kisan Bill ) के विरोध में मोदी सरकार से इस्तीफा भी दे दिया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री Harsimrat Kaur Badal का ट्वीट

उन्होंने कहा कि मैंने किसानों के खिलाफ लाए जा रहे बिल के विरोध में केंद्रीय कैबिनेट के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मुझे गर्व है कि मैं अपने किसानों के साथ उनकी बहन और बेटी के तौर पर खड़ी हूं।

केंद्र सरकार के साथ गठबंधन में शामिल है अकाली दल

अकाली दल सरकार के साथ गठबंधन में शामिल है। बावजूद इसके उनकी पार्टी की नेता ने सरकार के इस कदम का विरोध जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि किसानों को लेकर जो भी बिल सदन में प्रस्तावित किए गए हैं, वह 50 साल की पूरी मेहनत को खत्म कर देंगे जो राज्य सरकार ने पंजाब में कृषि सेक्टर को मजबूत करने में लगाए हैं।

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क्या है यह तीन विधेयक?

कृषि सुधारों को टारगेट करते हुए लाए गए यह तीन विधेयक हैं- द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) बिल 2020; द फार्मर्स (एंम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस बिल 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल 2020। इन तीनों ही कानूनों को केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 5 जून को ऑर्डिनेंस की शक्ल में लागू किया था। तब से ही इन पर बवाल मचा हुआ है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।